संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। झांसी परिक्षेत्र के बिजली घरों पर तैनात कुल 729 आउटसोर्स और एसएसओ सहायक की सेवाएं समाप्त कर दी गई है। छंटनी के चाबुक से कर्मचारियों में उथल-पुथल मची है। निगम के इस निर्णय से जहां बिजलीघरों पर कार्य प्रभावित हो गया है, वहीं इन कर्मियों के समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
विभाग में मैन पावर की कमी पिछले काफी समय से चली आ रही है। सीढ़ी और तार ढोने वाले स्किल्ड कुली से लेकर लाइनमैन तक विभिन्न संवर्गाें के तमाम पद लंबे समय से खाली हैं। इस अवधि में कई कर्मचारी सेवानिवृत्त हो गए या फिर ट्रांसफर होकर चले गए। इनकी भरपाई के लिए विभाग ने आटउसोर्स आधार पर नियोक्ता कंपनियों से एग्रीमेंट के आधार पर उनके पंजीकृत कर्मचारी भर्ती कर ली। अभी तक झांसी जोन के 115 बिजलीघरों पर कुल 2,318 आउटसोर्स कर्मी और सहायक तैनात थे। इन्हीं कर्मियों से दिन रात लाइन मेंटनेंस का काम लिया जा रहा था। ये फाल्ट ठीक करने, लाइनों की देखरेख, पेड़ छंटाई, नए कनेक्शन में मीटर लगाने जैसे सभी काम करते हैं। प्रत्येक बिजलीघर पर जरूरत के मुताबिक, ये कर्मचारी तैनात थे लेकिन अब नए वित्तीय वर्ष में कर्मियों की छंटनी करते हुए 1589 कर्मचारियों का अनुमोदन करते शेष कर्मियों की सेवा समाप्त कर दी गई है। ऐसे में अब एजेंसी ने 729 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। उधर, छंटनी की प्रक्रिया शुरू होते ही कई कर्मी अपनी नौकरी बचाने की जुगत में जुट गए हैं। आउटसोर्स कर्मियों ने बताया कि नौकरी बचाने का लालच देकर अब अधिकारी भी कर्मियों से खूब ‘’सेवा’’ करा रहे हैं।