नाकारा पुलिसकर्मियों की नौकरी खतरे में
झांसी। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशाें के बाद नाकारा पुलिसकर्मियों की नौकरी खतरे में नजर आने लगी है। डीजीपी ने जिले में तैनात 50 वर्ष पार कर चुके ऐसे पुलिसकर्मियों के नाम मांगे हैं, जिनके रिकॉर्ड नौकरी के दौरान खराब रहे। जिले में ऐसे पुलिसकर्मियोें के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। जल्द ही, कमेटी द्वारा सभी की स्क्रीनिंग करने के बाद सूची डीजीपी को भेजी जाएगी। इसके बाद ऐसे पुलिसकर्मियों को जबरन रिटायर किया जाएगा। वर्तमान में पचास साल की उम्र पार करने वाले जिले में 500 पुलिस कर्मचारी हैं।
पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने गृह विभाग की समीक्षा के बाद भ्रष्ट व नकारा पुलिसकर्मियों को जबरन रिटायरमेंट देने के निर्देश दिए थे। इसके लिए सभी जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकोें को पत्र लिखकर ऐसे पुलिसकर्मियोें को चिह्नित करने के निर्र्देश दिए थे। जिसके बाद जिले में भी पुलिस अधिकारियों ने हर स्तर पर काम करना शुरू कर दिया है। वर्तमान में जिले में करीब 3400 पुलिसकर्मी तैैनात हैं, इनमें पचास करने वाले करीब 500 हैं।
ऐसे 50 वर्ष से अधिक उम्र के छांटे गए पुलिसकर्मियों के चरित्र पंजीकरण निकलवाए जानेे लगे हैं। नौकरी के दौरान बैड एंट्री की संख्या, आचरण, काम के प्रति रवैया, कार्य क्षमता के आधार पर सूची तैयार होने लगी है। जल्द ही सूची तैयार हो जाएगी।
इसके लिए बाकायदा एक स्क्रीनिंग कमेटी भी गठित की गई है, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. ओपी सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक नगर श्रीप्रकाश द्विवेदी व अपर पुलिस अधीक्षक देहात राहुल मिठास शामिल हैं। जल्द सूची तैयार होने के बाद कमेटी स्क्रीनिंग करने के बाद नाम फाइनल कर सूची लखनऊ भेजेगी। इसके बाद मुख्यमंत्री स्तर पर आगे की कार्र्रवाई होगी। डीजीपी के नाम मांगने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
जिला जेल से भेजे गए तीन नाम
पुलिस महकमे के साथ ही जेल पुलिस में भी नकारा पुलिसकर्मियोें को निकालेे जाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। झांसी, ललितपुर व जालौैन के जेल कर्मियों की जांच की गई, जहां मात्र तीन पुलिसकर्मियों के नाम सामने आने के बाद सूची तैयार की गई। बुधवार को फतेहगढ़ जिला कारागार में आयोजित बैठक के दौरान ऐसे पुलिसकर्मियों के नाम की सूची सौंपी गई। वरिष्ठ जेल अधीक्षक राजीव शुक्ला ने बताया कि अब स्क्रीनिंग कमेटी जांच करेगी।
आदेशोें का पूरी तरह पालन करते हुए सूची बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। जिले से ऐसे पुलिसकर्मियाें के नाम छांटे जा रहे हैं। स्क्रीनिंग के बाद ऐसे ही नाम भेजे जाएंगे, जिनका रिकार्ड पूरी तरह से खराब है।
राहुल मिठास, अपर पुलिस अधीक्षक