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नौकर ने साले व साथियों के साथ की थी लूट

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गुरसराय में सर्राफा कारोबारी के घर हुई डकैती मामले पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये गये चार बदमाशों क?
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नौकर ने साले व साथियों के साथ की थी लूट
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झांसी। थाना गुरसराय इलाके में सराफा कारोबारी के घर हुई लूट का पुलिस ने खुलासा करते हुए चार बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। कारोबारी के नौकर ने ही अपने साले व दो साथियों के साथ मिलकर लूट की योजना रची थी। पुलिस ने लूट का माल भी बरामद कर लिया है। घटना में शामिल दो साथियाें की तलाश की जा रही है।
आठ जुलाई की शाम थाना गुरसराय इलाके में सराफा कारोबारी उदय सिंघई के घर घुसे बदमाश लूटपाट कर भाग गए थे। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी थी। एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने बताया कि बुधवार को पुलिस टीमों ने मुखबिर की सूचना पर चार लोगों को दबोचा। चारों ने अपने नाम हमीरपुर के राठ स्थित थाना कैैथा अंतर्गत सादर मजरा निवासी राजकुमार खंगार, रोहित उर्फ रणकेंद्र खंगार, थाना गुरसराय के अडजरा निवासी आनंद पटेल व थाना सकरार के बुढ़ावली निवासी शिवम पटेल बताए। पूछताछ में घटना का मास्टरमाइंड आनंद निकला। आनंद ने लंबे समय तक कारोबारी उदय सिंघई के यहां काम किया था। घटना के एक माह पहले ही उसने काम छोड़ दिया था। आनंद ने अपने साले शिवम के साथ मिलकर घटना की साजिश रची। राजकुमार व रोहित के साथ घटना को अंजाम देकर सभी भाग गए। पुलिस ने चारों के पास से लूटे गए 48 ग्राम से अधिक सोने के जेवरात व साढ़े दस किलोग्राम से अधिक चांदी के जेवरात बरामद किए। इनके पास से तमंचा व कारतूस भी मिले। पूछताछ में पता चला कि इनके साथ दो शातिर बदमाश भी घटना में शामिल थे, जो पुलिस के हाथ नहीं आ सके। पुलिस ने इनको दबोचने के लिए दबिश दे रही है।
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बालू घाट पर हुई डकैती का आरोपी भी शामिल
घटना से पहले राजकुमार, आनंद व शिवम पटेल जेल में बंद थे। बताया गया है कि आरोपी शिवम थाना गुरसराय से गैंगरेप, रोहित छेड़खानी व राजकुमार थाना ककरबई स्थित बालू घाट में हुई डकैती के मामले में जेल में बंद थे। यहां एक साथ रहने के कारण तीनों मेें गहरी दोस्ती हो गई थी। जेल से छूटने के बाद तीनों ने घटना को अंजाम देने की तैयारी कर रखी थी।
गुरसराय में रची थी साजिश
बताया गया है कि आनंद गुरसराय मेें ही किराए से कमरा लेकर रहता था। जेल से छूटने के बाद उसके साले शिवम व दोस्तों का भी आना-जाना शुरू हो गया। इस दौरान कमरे पर बैठने के दौरान लूट की साजिश रची गई। घटना को अंजाम देकर सभी गुरसराय से चले गए थे, लेकिन आनंद पुलिस की हर गतिविधि जुटाकर बताता था।
काम आई एसपी देहात की योजना
खुलासे में एसपी देहात राहुल मिठास की प्लानिंग सटीक बैठी। घटना के बाद ही उन्होंने तुरंत शहर व ग्रामीण क्षेत्र के सराफा कारोबारियों को बुलाकर मीटिंग की थी। इसमें उन्होंने साफ कहा था कि कोई भी चोरी के जेवरात न खरीदे, यदि कोई बेचने भी आए तो पुलिस को सूचना दें। इस प्लानिंग के बाद बदमाश जिले भर में जेवरात नहीं बेच सेक। यह बात बदमाशों को पता चल गई थी। दहशत के चलते बदमाशों ने माल न बेचकर छिपा कर रख दिया था। इसका नतीजा यह रहा कि खुलासे के साथ पूरा माल शत प्रतिशत बदमाशों से बरामद हुआ।
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डीजीपी करेंगे टीम का सम्मान
घटना के खुलासे पर डीजीपी ने भी प्रशंसा जाहिर कर अधिकारियों की पीठ थपथपाई है। एसएसपी डॉ. ओपी सिंह के साथ टीम में शामिल एसपी देहात राहुल मिठास, स्वॉट टीम प्रभारी विजय कुमार पांडेय, गुरसराय थानाध्यक्ष अवध नारायण पांडेय, गरौठा प्रभारी निरीक्षक अजय पाल सिंह, लहचूरा थानाध्यक्ष प्रवीन कुमार, योगेंद्र चौैहान, पद्म गोस्वामी, शैलेंद्र सिंह चौहान, सत्यपाल सिंह गुर्जर, दुर्गेश चौहान, मनोज कुमार, प्रदीप सेंगर, विमलेंद्र यादव, रमेश द्विवेदी, सुनील कुमार को डीजीपी सिल्वर कमंडेशन डिस्क पुरस्कार से सम्मानित करेंगे।
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