लेड की अधिक मात्रा पाए जाने के बाद प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त के निर्देश पर जनपद में भी मैगी नूडल्स की जांच का अभियान शुरू हो गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफडीए) की टीम ने शनिवार को बाजार से मैगी नूडल्स व सॉस के सात नमूने भरे, इससे बाजार में हड़कंप की स्थिति रही। कई विक्रेताओं ने अपनी दुकानों से मैगी का माल हटा दिया। नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त ने नेस्ले इंडिया लिमिटेड द्वारा निर्मित मैगी नूडल्स के नमूने एकत्र करने के आदेश जारी किए हैं। इस पर शनिवार को विभागीय टीम ने बाजार में कई दुकानों पर छापामारी की। विभाग के अभिहित अधिकारी आर के गुप्ता के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुशील सचान एवं मंडलीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी ए के वर्मा ने गल्ला मंडी रोड पर अजय इन्क्लेव में एम एस इंटरप्राइजेज पर छापा मारा। यहां से मैगी नूडल्स के विभिन्न बैच के चार नमूने एकत्र किए गए।
इसके अलावा सैंयर गेट के पास नेस्ले इंडिया लिमिटेड के स्टॉकिस्ट वरूण के एजेंसी से भी मैगी नूडल्स का नमूना लिया। वहीं, खाद्य सुरक्षा अधिकारी आर एल कुशवाहा ने गुरसरांय के मोदी चौराहा स्थित मां वैष्णो जनरल स्टोर से मैगी नूडल्स व मैगी सॉस का एक - एक नमूना भरा। एफडीए की इस कार्रवाई से मैगी नूडल्स विक्रेताओं में हड़कंप की स्थिति रही। शहर के बाजार में कई दुकानों से विक्रेताओं ने माल जब्त हो जाने के भय से मैगी नूडल्स को हटा लिया।
अभिहित अधिकारी आर के गुप्ता ने बताया कि मैगी के मार्च 2014 के बैच के नूडल्स में एमएसजी (मोनो सोडियम ग्लूकासेड) व लेड की मात्रा निर्धारित से कहीं अधिक पाई गई है। यह स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहद हानिकारक होते हैं, जिसके चलते मुख्यालय के निर्देश पर मैगी नूडल्स के नमूने एकत्र किए जा रहे हैं।