झांसी। ग्रामीण इलाकों में बिजली बिल वसूलने की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को दी जाएगी। इसके लिए उपायुक्त, स्वत रोजगार एवं बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता के बीच लिखित करार भी हो चुका। अधिकारियों के मुताबिक 50 हजार तक की बिल वसूली पर महिलाओं को एक फीसदी भुगतान किया जाएगा।
उप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत सरकार ग्रामीण इलाकों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश कर रही है। इसके लिए स्वयं सहायता समूहों को आगे बढ़ाया जा रहा। इसी के तहत समूह से जुड़ी महिलाओं को कई सारे कार्य दिए गए। अब सरकार ने बिजली बिल वसूली का जिम्मा भी समूह की महिलाओं को सौंपने का फैसला किया है। महिलाओं को प्रति बिल के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। बिल जमा करने के लिए उनको स्मार्ट हैंड मशीनें भी उपलब्ध कराई जाएगी।
इस नई व्यवस्था से न सिर्फ उपभोक्ताओं को लाभ होगा बल्कि महिलाओं भी आर्थिक रूप से सक्षम हो सकेंगी। उपायुक्त स्वरोजगार डॉ. नागेंद्र नारायण मिश्रा के मुताबिक इसके लिए पहले महिलाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। बिलिंग कैसे करनी है, किन पर ध्यान देना है के साथ ही मशीन के संचालन का तरीका समझाया जाएगा। इसको लेकरी बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता एवं उपायुक्त के बीच लिखित करार भी हो चुका। अधिकारियों का कहना है कि न्यूनतम दो हजार रुपया का बिल जमा करने पर बीस रुपया प्रति बिल के अनुसार भुगतान किया जाएगा। दो हजार से अधिक 49999 रुपये तक जमा करने पर एक प्रतिशत भुगतान किया जाएगा। इसी माह से उनका प्रशिक्षण कार्यक्रम आरंभ कराने की कोशिश की जा रही है।
जल्द ही स्वयं सहायता समूहों का चयन करके महिलाओं को प्रशिक्षित करने का कार्य शुरू किया जाएगा। प्रशिक्षण के पश्चात बिल कलेक्शन का काम भी शुरू करा दिया जाएगा। यह कार्य सभी ब्लॉक में एक साथ शुरू होगा। इससे ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधाराने में मदद मिलेगी। डॉ. नागेंद्र नारायण, उपायुक्त, स्वतरोजगार