झांसी। स्वास्थ्य विभाग 15 से 49 वर्ष के सभी लक्षित दंपतियों का रजिस्ट्रेशन करेगा, जिससे उन्हें परिवार नियोजन संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सके। यह रजिस्ट्रेशन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा संचालित आरसीएच (प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य) पोर्टल पर किया जाएगा। यह जानकारी एक प्रशिक्षण कार्यशाला के आयोजन में दी गई।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक ऋषिराज ने बताया कि यह पहले पायलट प्रोजेक्ट के रूप में तीन जिलों में चलाया गया। लेकिन, अब 15 दिसंबर से यह प्रदेश के सभी जिलों में संचालित किया जाएगा। इस संबंध में आज प्रशिक्षण दिया जा चुका है और 10 तारीख तक सारे गांव और स्वास्थ्य कर्मियों का डेटा अपडेट करने का लक्ष्य दिया गया है। इसी के साथ जिस महिला का रजिस्ट्रेशन हो गया उसे दूसरी बार गर्भवती होने पर अलग से रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बच्चे के जन्म पर उसका रजिस्ट्रेशन अलग से होगा और उसका रजिस्ट्रेशन नंबर मां के रजिस्ट्रेशन नंबर से अटैच होगा।
प्रशिक्षण कार्यशाला में सभी ब्लॉक समुदाय कार्यक्रम प्रबंधक (बीसीपीएम) को निर्देश दिए कि वह अपने यहां मोबाइल एकेडमी को संचालित कराएं। साथ ही, सुनिश्चित करें कि उनके क्षेत्र की प्रत्येक महिला (जिसका पहला प्रसव हुआ है) का प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना के तहत रजिस्ट्रेशन हो गया हो। इसके साथ हैं उन्हें यह भी सुनिश्चित करना हैं कि उनके क्षेत्र में कितनी आशाएं हैं जो सक्रिय हैं, कितने प्रसव हो रहे हैं, इसमें भी कितने संस्थागत और कितने घर पर हैं। संस्थागत में भी कितने सरकारी अस्पतालों और कितने प्राइवेट अस्पतालों में हैं।
यह मिलेगा लाभ
जनपद में गर्भवती महिलाओं और बच्चों का पंजीकरण एमसीटीएस (मदर चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम) पोर्टल पर किया जाता था। लेकिन, अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के द्वारा एमसीटीएस पोर्टल को बंद कर इसकी जगह आरसीएच पोर्टल की शुरुआत की गई है। इस पोर्टल में जो सबसे पहला काम है वह यह है कि आशाओं के माध्यम से 15 से 49 वर्ष के उन लक्षित दंपतियों को चिह्नित किया जाए जिनको परिवार नियोजन संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सके। आशा उन दंपतियों को भी चिह्नित करेगी जिनकी हाल ही में शादी हुई है। ताकि, विवाहिता के गर्भवती होने पर उसके टीकाकरण से लेकर प्रसव तक की सारी सूचना व सुविधाएं आशा के माध्यम से उपलब्ध कराई जा सकें।