झांसी। सीबीएसई और आईसीएसई के सेमेस्टर टू की बोर्ड परीक्षाओं के लिए बच्चों को स्कूल में ही तैयार किया जा रहा है। बच्चों में लिखने की आदत डालने के लिए कई स्कूलों में प्रीबोर्ड 2 भी करवाए जा रहे हैं।
कोरोना की तीसरी लहर फैलने के बाद शासन ने स्कूलों को आधी क्षमता के साथ खोलने के आदेश दिए थे। साथ ही ऑनलाइन कक्षाएं भी लगातार संचालित की जा रही थी, लेकिन फरवरी में शासन ने स्कूलों को पूर्ण क्षमता से खोलने के आदेश दे दिए थे। वहीं दूसरी ओर परीक्षा ऑफलाइन ही संचालित कराने के आदेश पारित किए थे। इसके कारण बच्चों के मन में डर की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। बच्चों का कहना था कि पूरे सत्र भर तो हमने ऑनलाइन पढ़ाई की है लेकिन परीक्षाएं ऑफलाइन हो रही हैं। पूर्ण क्षमता से स्कूल खुलने के बाद शिक्षकों ने बोर्ड परीक्षा के बच्चों को तैयार करना शुरू कर दिया है। प्रयोगात्मक परीक्षा हो या लिखावट सुधारने का प्रयास लगातार स्कूलों से किया जा रहा है।
स्कूल में ही बच्चों को पुराने प्रश्न पत्र देकर उनसे क्लास में ही हल करवा रहे हैं। जिससे बच्चों की लिखने की आदत बने और लिखावट भी सुधरे। बच्चों को जरूरी सवाल कक्षा में ही देकर उनसे लिखवाए जा रहे हैं। - प्रीति खत्री, प्रिंसिपल, शियरवुड कॉलेज।
स्कूलों में बच्चों के प्रयोगात्मक परीक्षाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। प्रयोगात्मक परीक्षा से पहले बच्चों की अतिरिक्त कक्षाएं लगवाई जा रही हैं। ऑनलाइन कक्षाओं में बच्चों पाठ्यक्रम तो पूरा करवाया गया था लेकिन प्रयोगात्मक परीक्षाओं को लेकर बच्चे तैयार नहीं थे। - अतिशय मिश्रा, शिक्षक, मार्डन पब्लिक स्कूल
अतिरिक्त कक्षाओं से बच्चों का दोहरा रहे पाठ्यक्रम
ऑनलाइन में पढ़ाया बच्चों को ठीक प्रकार से समझ में आया नहीं था, जिसके कारण बच्चों के मन में परीक्षा लेकर भय बना हुआ था। पिछले एक माह से अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर बच्चों का पाठ्यक्रम दोहराया है, ताकि किसी प्रकार का संशय न रहे और परीक्षा का डर खत्म हो जाए।