स्कूल खुले लेकिन साफ -सफाई कराने में बीता पहला दिन
झांसी। एक लंबे अंतराल के बाद बेसिक और माध्यमिक के स्कूल और कॉलेज शासन के निर्देश पर बृहस्पतिवार को खोले गए। पहले दिन जहां माध्यमिक कॉलेजों में सैनिटाइजर का कार्य हुआ, तो वहीं, बेसिक के स्कूलों में साफ -सफाई कराना शिक्षकों के लिए चुनौती भरा रहा। ग्रामीण इलाकों के कुछ स्कूल परिसरों में तो सफाई के दौरान शराब की खाली बोतलें भी मिली। इधर मोंठ एवं बामौर के कस्तूरबा विद्यालयों में कार्यरत लेखाकार गैरहाजिर रहने पर एक दिन का मानदेय काटा जाएगा।
कोरोना वायरस के कारण जिले के सभी स्कूल कॉलेज बंद चल रहे थे। जिन्हें शासन के निर्देश पर बृहस्पतिवार से खोला गया। हालांकि पहले दिन नगर क्षेत्र के अलावा ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में साफ.- सफाई को लेकर शिक्षकों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। शिक्षकों ने बताया कि स्कूल परिसर में लगे पौधे गायब मिले। हैंडपंप खराब मिले। स्कूल परिसर में कई जगह पर शराब की खाली बोतलें मिली। इसके अलावा व्यापक रूप से गंदगी भी मिली। ऐसे में साफ सफाई कराने को लेकर पूरा वक्त ही निकल गया। इधर बालिका शिक्षा के जिला समन्वयक आरोग्य तिवारी ने बताया कि कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालयों में समस्त शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों की उपस्थिति प्रेरणा पोर्टल पर ली जा रही है। विद्यालय खुलने के पहले दिन मोंठ व बामौर में कार्यरत लेखाकार अनुपस्थित रहे। इस पर इनका एक दिन का मानदेय काटने की संस्तुति बीएसए से की गई है।