पुलिस मुठभेड़ में पैर में गोली लगने से मुख्य आरोपी रामप्रताप घायल
एरच। पैरोल पर आए कैदी की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी रामप्रताप बुधवार की रात को पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने से घायल हो गया। उसका साथी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। उनके पास से तमंचा, कारतूस, आला कत्ल और कुल्हाड़ी मिली है। अभी तीसरा आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर है। मुख्य आरोपी पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम रखा था।
थाना क्षेत्र के गोकुल गांव में 27 की सुबह दस बजे मंदिर से पूजा कर लौटते समय सजायाफ्ता कैदी नेपाल सिंह (65) की गांव के ही रामप्रताप ने अपने साथी कल्लू पाल और संजय सिंह के साथ मिलकर धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी थी। इस मामले में नेपाल सिंह के भतीजे ने ही तीनों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कई दिन दबिश देने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर एसएसपी ने मुख्य आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस ने बताया कि बुधवार की रात को खड़ैनी-गुरसराय मार्ग पर कन्या इंटर कॉलेज के पास वाहन चेकिंग के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी रामप्रताप अपने साथी के साथ बाइक से जा रहा है। इस दौरान रास्ते में घेराबंदी कर उनको रोकने का प्रयास किया गया। इतने में ही रामप्रताप ने फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई। एक गोली रामप्रताप के पैर में लगी। वह घायल होकर गिर गया। इस दौरान उसके साथी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के पास से एक तमंचा, आला कत्ल और एक कुल्हाड़ी बरामद की गई। तीसरा आरोपी संजय सिंह अभी फरार है। मुठभेड़ के दौरान थानाध्यक्ष त्रदीप सिंह, एस आई राजेश पाल सिंह, एसआई प्रेमसागर, पी एल प्रजापति, आदेश राना , त्रिभुवन सिंह आदि शामिल रहे।
गांव में खुलेआम घूमने से खून खौल उठा था
गिरफ्तारी के बाद मुख्य आरोपी रामप्रताप ने पुलिस को बताया कि उसने नेपाल सिंह की हत्या बदला लेने के लिए की थी। उसके चाचा नन्हे सिंह उर्फ सुरेंद्र सिंह की नौ साल पहले 19 फरवरी 2012 को नेपाल सिंह ने गला रेत कर हत्या कर दी थी। चाचा की हत्या का बदला लेने की वह फिराक मे था। आजीवन सजा काट रहेा कैदी नेपाल सिंह एक जून पैरोल पर घर आया था। इसके बाद वह खुलेआम गांव में घूम रहा था। इससे उसका खून खोल उठा था। इसी को लेकर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर उसे मार डाला।