अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बीते दो सप्ताह में पुलिस ने 80 से अधिक सटोरियों को गिरफ्तार कर करीब 25 करोड़ रुपये के क्वाइन बरामद किए हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि अब तक किसी भी सटोरिये की आईडी बंद नहीं कराई जा सकी है। नतीजा यह है कि इन साइटों पर सट्टा धड़ल्ले से जारी है और रोजाना करोड़ों रुपये के दांव लगाए जा रहे हैं।
पुलिस के हाथ लगी कई आईडी बृहस्पतिवार को भी सक्रिय पाई गईं। शुभम उपाध्याय से बरामद आईडी पर आईपीएल मैचों में हजारों लोग दांव लगाते मिले। इसी तरह विवेक यादव, बृजेंद्र राजपूत, नीरज निरंजन, दिलीप सिंह, हरेंद्र परिहार, पीयूष, संदीप, भारत सिंह यादव और अजय कुशवाहा से जुड़ी आईडी भी चालू मिलीं।
गुजरात टाइटंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच खेले गए मैच पर भी इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए सट्टा चलता रहा। जानकारों के मुताबिक, इन साइटों का संचालन दुबई से होता है, जिससे स्थानीय पुलिस के लिए इन्हें बंद कराना मुश्किल हो रहा है। कई बार एडमिन नाम में मामूली बदलाव कर दोबारा साइट सक्रिय कर देते हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि लगातार कार्रवाई के बावजूद ऑनलाइन सट्टे का यह नेटवर्क पूरी तरह क्यों नहीं थम पा रहा है।