सीओ सिटी का कहना है कि मामले में जांच के बाद मुकदमा दर्ज होगा।
- फोटो : ???? ????
स्टाफ नर्स का दर्ज नहीं हो रहा मुकदमा, शिकायती पत्र वापस लेने का दबाव
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर पर शारीरिक शोषण का आरोप लगाने वाली पीड़िता का मुकदमा अब तक दर्ज नहीं हुआ है। पीड़िता का आरोप है कि पुलिस ने उससे दो बार प्रार्थनापत्र भी ले लिया मगर कोई कार्रवाई नहीं की। वह न्याय के लिए लगातार भटक रही है मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही। उल्टा शिकायती पत्र वापस लेने का तमाम लोग उस पर दबाव बना रहे हैं। वहीं, मामले की जांच कर रही जेंडर हैरिसमेंट कमेटी ने अपनी रिपोर्ट भी कॉलेज प्रशासन को सौंप दी है। सीओ सिटी राजेश कुमार सिंह ने बताया पड़ताल की जा रही है। जांच के बाद ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज की स्टाफ नर्स का आरोप है कि जूनियर डॉक्टर काम के दौरान उस पर बेवजह का दबाव बनाता रहता था। फिर उसने कॉलेज के अधिकारियों से संबंध होने की बात कहते हुए इंटरनल प्रमोशन का लालच देकर उसे जाल में फंसाना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे उससे नजदीकी बढ़ता चला गया और फिर शारीरिक संबंध स्थापित कर लिए। फिर दोस्त के साथ भी संबंध बनाने का दबाव बनाने लगा। जब उसने इंकार कर दिया तो उसका दोस्त उसे बदनाम करने की धमकी देने लगा। उसे अलग-अलग नंबरों से फोन करके परेशान किया जाने लगा। जब वह मानसिक रूप से बहुत परेशान हो गई तो फिर कॉलेज अधिकारियों और पुलिस से न्याय की गुहार लगाई। पीड़िता का आरोप है कि सबसे पहले वह साइबर सेल गई। 23 जनवरी को नवाबाद थाने में शिकायती पत्र दिया। वहां से उसे विश्वविद्यालय चौकी भेज दिया गया। फिर वहां से उसे थाने भेजा गया। तीन फरवरी को उससे बिना तारीख का पुन: प्रार्थनापत्र लिखवाया गया। उसका आरोप है कि जेंडर हैरिसमेंट कमेटी से भी उसे न्याय की उम्मीद नहीं है। जेंडर हैरिसमेंट कमेटी का प्रभारी महिला होनी चाहिए।
डॉक्टर का ये है आरोप
इस मामले में स्टाफ नर्स के अलावा जूनियर डॉक्टर की तरफ से भी नवाबाद पुलिस को शिकायती पत्र दिया गया है। जिसमें जूनियर डॉक्टर ने उल्टा स्टाफ नर्स पर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है।