रविवार को रेव्योल्यूशन डांस अकादमी के तत्वावधान में ‘मिस्टर एंड मिस ग्लैमरस फेस ऑफ इंडिया - 2018’ का आयोजन किया गया, जिसमें शहर के युवाओं ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अंत में मिस्टर ग्लैमरस फेस का ताज सर्वेश के सिर सजा। जबकि, सपना मिस ग्लैमरस फेस चुनी गईं। कार्यक्रम में अमर उजाला मीडिया पार्टनर की भूमिका में रहा।
फैशन और ग्लैमर की दुनिया में झांसी का युवा किसी से कम नहीं है, रविवार की शाम किले की तलहटी में स्थित मुक्ताकाशी मंच आयोजित कार्यक्रम में देखने को मिला। मंच पर ब्राइडल परिधानों में महिला और पुरुष वर्ग के प्रतिभागियों ने ने वॉक हुआ। कपल रैंप वॉक में दोनों वर्ग के प्रतिभागियों ने बेहतर प्रदर्शन किया। तो दूसरी ओर छोटे-छोटे बच्चों ने भी रैंप पर अपना जलवा बिखेरा।
इस दौरान हुई डांस प्रतियोगिता में ‘डिंग डांग डिंग...’, ‘बचना ए हसीनों...’, ‘नच ले...’ गाने पर बालक वर्ग का ग्रुप डांस हुआ। जबकि, बालिका वर्ग ने ‘मैनूं यार बोलियां बोले...’ गीत पर शानदार प्रस्तुति की। वहीं, सीनियर वर्ग में युवतियों ने ‘घूमर-घूमर...’ और ‘ढपली वाले...’ गीत पर बेहतरीन डांस पेश किया। एकल क्लासिकल डांस नंदनी जोशी ने प्रस्तुत किया। इसके अलावा देवांश और पार्थ पाठक की प्रस्तुति को भी खूब सराहा गया।
कार्यक्रम के अंत में निर्णायक मंडल के बॉलीवुड की मॉडल /एक्ट्रेस रोज अलिशा और फैशन डिजाइनर सैंडी ने विजेताओं की घोषणा की।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय पटवारी, डा. वैभव गुप्ता, संजीव अग्रवाल, विपिन वर्मा, डीएल कुशवाहा, दीपा यादव, अभिषेक कुशवाहा, करन, सद्दाम हाशमी, विशाल गर्ग, सुरभी, पंकज मौजूद रहे।
अनूठा रहा अनुभव
शहर में ही बेहतरीन मंच मिला है। प्रदर्शन करने पर एक अलग अनुभव प्राप्त हुआ है। इस प्रकार के कार्यक्रम होते रहने चाहिए, ताकि प्रतिभाएं सामने आएं।
- तृप्ति, प्रतियोगी
प्रदर्शन से बढ़ा आत्मविश्वास
अपने हुनर का प्रदर्शन करने के लिए अच्छा प्लेटफॉर्म मिला है। बेहतर मंच मिलने से जोश बढ़ जाता है। स्टेज पर प्रदर्शन करने से आत्मविश्वास बढ़ा है।
- सपना ठाकुर, प्रतियोगी
दूर होगी खामियां
ऐसे कार्यक्रम से अपने हुनर को प्रदर्शित करने के साथ-साथ खामियां दूर करने का मौका मिलता है। मंच देने के लिए आयोजकों व अमर उजाला का आभारी रहूंगा।
- सर्वेश, प्रतियोगी
अपने को और निखारूंगा
अभी कुछ खामियां हैं। उन्हें एक-एक कर दूर करूंगा। यह तभी संभव होगा, जब बड़े मंच पर प्रदर्शन करने का मौका मिले। सीनियर की मदद से यह संभव होगा।
- वैभव, प्रतियोगी