इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की प्रांतीय कार्यसमिति में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुधीर ठाकरे ने कहा कि आईएमए ने राजस्थान व मध्यप्रदेश के क्लीनिकल स्टेब्लिशमेंट एक्ट का अध्ययन किया। उस पर मंथन हो रहा है। हमें इस बिल का स्वरूप मंजूर नहीं है। सरकार को डॉक्टरों का भी ध्यान रखना चाहिए।
उन्होंने बताया कि बिल के संबंध में मुख्यमंत्री से बात हुई है, जिसमें उनका सकारात्मक रुख रहा। सभा में मेडिकल बायलॉज पर चर्चा हुई, जिसमें सेंट्रल एक्ट बनाने की मांग की गई। कुछ सदस्यों ने मांग की कि पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी को भी इस बिल में लाने का प्रावधान किया जाए, ताकि यूनिफॉर्म नियम बनाने का कार्य किया जा सके। कार्यक्रम में डॉ. अनु निगम के पुत्र द्वारा लिखी पुस्तक का विमोचन हुआ। डॉ. अशोक अग्रवाल, डॉ. विजय पाल, डॉ. बीके गुप्ता, डॉ. राजेश सिंह, डॉ. पंकज सोनकिया, डॉ. आराधना कनकने, डॉ. विमल शुक्ला, डॉ. प्रमोद गुप्ता मौजूद रहे।