झांसी। महानगर में आए दिन कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं। हर सार्वजनिक स्थान पर भीड़ का आलम है, लेकिन कोरोना से बचाव के लिए अहम सैनिटाइजेशन का काम नगर निगम ने बंद कर दिया है। पहले जहां हर वार्ड में रोज सैनिटाइजेशन के लिए टीम जाती थीं। वहीं अब केवल मांग के आधार पर ही सैनिटाइजेशन कराया जा रहा है। इसके साथ ही, नगर निगम ने सैनिटाइजेशन कराने के लिए लगाए गए कर्मचारियों को हटा दिया है।
कोरोना संक्रमण फैलने के साथ ही नगर निगम ने महानगर के 60 वार्डों में सैनिटाइजेशन शुरू करा दिया था। रोज सुबह-शाम नगर निगम की टीमें वार्डों में सैनिटाइजेशन के लिए निकलती थीं। इसके साथ ही निगम ने सैनिटाइजेशन के लिए 60 जेट मशीनों, 24 बैटरी चालित मशीनों की खरीद की थी। झांसी में संक्रमण बढ़ने के साथ ही सैनिटाइजेशन का काम तेज कर दिया गया। हर टीम को नगर निगम की ओर से पेट्रोल और सोडियम हाइपोक्लारोइड मुहैया कराया जाता था।
नगर निगम ने सैनिटाइजेशन के लिए एक फर्म के जरिए आउटसोर्स पर करीब 120 कर्मचारी भी लगाए थे। लेकिन अब जैसे-जैसे संक्रमण की रफ्तार कम हुई, तो सैनिटाइजेशन का काम भी बंद कर दिया गया। नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक अब केवल मांग के आधार पर टीम को भेजा जाता है। केवल पांच मशीनों के जरिए मांग के आधार पर सैनिटाइजेशन किया जा रहा है। वहीं, कर्मचारियों को भी हटा दिया गया है। जबकि महानगर में आए दिन कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं।
सार्वजनिक स्थानों पर अभी भी जरूरत
महानगर में तमाम सार्वजनिक स्थानों और कार्यालयों में आए दिन भीड़ उमड़ रही है। सरकारी दफ्तरों में सैकड़ों फरियादी पहुंचते हैं। संक्रमण का खतरा कम नहीं हुआ है। ऐसे में सार्वजनिक स्थानों और कार्यालयों पर भी अभी सैनिटाइजेशन जारी रखने की जरूरत है।
सैनिटाइजेशन अभी बंद नहीं हुआ है। मांग के आधार पर सैनिटाइजेशन के लिए टीमें भेजी जा रही हैं। जहां कोरोना पॉजिटिव मिल रहे हैं, वहां पर प्राथमिकता के आधार पर सैनिटाइजेशन कराया जाता है।
शादाब असलम, अपर नगर आयुक्त