इस दौरान उन्होंने अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि झांसी में ओवरब्रिज, बांध, सैनिक स्कूल, पांच सौ बेड अस्पताल जैसे काम उन्होंने शुरू कराए, लेकिन भाजपा सरकार में बस काम अधूरे ही पड़े हुए हैं। शिक्षा में प्रदेश बिहार के साथ निचले पायदान पर है, जबकि कुपोषण में पहले नंबर पर बना हुआ है। हमने मिड डे मील में दूध, फल देने का काम किया। कन्नौज में बनने वाले सैनिक स्कूल को झांसी में लाया गया। नदियों की खुदाई का काम किया गया, लेकिन वो भी अधूरा पड़ा हुआ है। पिछले तीन माह में सौ से ज्यादा किसान आत्महत्या कर चुके हैं। सरकार का ध्यान आत्महत्या रोकने की वजह किसानों की मौत बीमारी या अन्य कारणों से होना साबित करने में लगा हुआ है। भाजपा की फितरत में झूठ है। झांसी में मेट्रो चलाने जैसी घोषणाएं इसका सुबूत हैं।
इस मौके पर राज्यसभा सांसद डा. चंद्रपाल सिंह यादव, पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव व रश्मि आर्या, राजेंद्र चौधरी, सपा जिलाध्यक्ष छत्रपाल सिंह, चंद्रप्रकाश मिश्रा, अजय सूद आदि मौजूद रहे।
महिला ने मांगा इंसाफ
पत्रकार वार्ता के दौरान सिविल लाइन निवासी पुनीत सिंह भी मौजूद रहीं। अखिलेश ने उनका हवाला हुए कहा कि इन्हें भी इंसाफ का इंतजार है। उल्लेखनीय है कि पुनीत सिंह के पिता की पिछले दिनों संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इस मामले में दो लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज है। बावजूद, अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इसके लिए वे मुख्यमंत्री तक से गुहार लगा चुकी हैं। न्याय की आस में वे अपना सिर भी मुंडवाए हुए हैं।