झांसी। जिला पंचायत के सदन में पर्याप्त संख्या बल न होने के बाद भी चुनाव को लेकर सपाई उत्साहित थे। नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही सपा कार्यालय में भारी संख्या में सपाई जमा हो गए थे। लेकिन, नामांकन की अवधि गुजरने के साथ ही सपा नेताओं के चेहरे मुरझाते रहे। इस दौरान सपा प्रत्याशी आशा गौतम भी मायूस नजर आईं। चार घंटे तक बेसब्री से प्रस्तावक का इंतजार किया जाता रहा, लेकिन न तो वे पहुंचे और न ही उनकी कोई खबर लगी। नामांकन की अवधि पूरी होने के बाद सभी मायूस होकर लौट गए।
समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी आशा गौतम का प्रस्तावक चुरारा सीट से सदस्य हेमंत सेठ और अनुमोदक भोजला से सदस्य बृजेंद्र यादव को बनाया गया था। प्रत्याशी और अनुमोदक सही समय पर कार्यालय पर पहुंच गए थे। लेकिन, प्रस्तावक नहीं पहुंचे। काफी देर तक इंतजार किए जाने के बाद पार्टी नेताओं ने फोन लगाना शुरू किए, लेकिन उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया। समय लगातार गुजरता जा रहा था। सुबह 11 बजे से शुरू हुई नामांकन प्रक्रिया को तीन बजे तक चलना था। धीरे-धीरे ये अवधि भी समाप्त हो गई और सपा के खेमे में मायूसी छा गई। हालांकि, कार्यालय में मौजूद तमाम लोगों ने प्रस्तावक बदले जाने की भी सलाह दी, तब बताया गया कि नामांकन का एक सेट ही लिया गया था, जिसमें प्रस्तावक का नाम भरकर सभी औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी हैं। अब प्रस्तावक को नहीं बदला जा सकता है। हालात समझकर पार्टी के बड़े नेता और कार्यकर्ता धीरे-धीरे कर सपा कार्यालय से चलता हो लिए।