झांसी। सरकार गरीबों को छत मुहैया कराने के लिए आवास बनवा रही है, लेकिन अधिकारियों की मनमानी के चलते गरीब को आवास नहीं मिल पा रहे हैं। हालात यह हैं कि मंडल में 676 आवास आज भी खाली पड़े हुए हैं। झांसी में केवल 142 गरीबों को ही आवास की चाबी मिल सकी है।
गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले व्यक्तियों के लिए आसरा आवास योजना शुरू की गई थी, लेकिन नागरिकों को आवास नहीं मिल सके हैं। हालात पर गौर करें तो मंडल में कुल 1656 आसरा आवास बनाए गए, लेकिन सिर्फ 980 आवास ही आवंटित हुए। शेष 676 आसरा खाली पड़े हैं। झांसी में कुल 1056 आवास बने। इनमें से सिर्फ 142 आवास ही आवंटित हुए। शेष 572 आवास खाली हैं। जालौन में 192 आसरा आवासों में 142 आवंटित हैं, जबकि 50 खाली पड़े हैं। ललितपुर में 408 आसरा आवासों में 354 का आवंटन हो गया, जबकि 54 खाली पड़े हैं। ऐसे में अफसरों की मनमानी के चलते गरीबों का छत मिलने का सपना अधूरा है।
मंडलायुक्त ने जताई नाराजगी
मंडलायुक्त ने आसरा आवास योजना में बड़ी संख्या में आवासों के खाली होने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने इन सभी का जल्द आवंटन पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक आसरा कॉलोनी के लिए एक अधिकारी को नोडल नामित करने के निर्देश दिए। उनको सप्ताह में एक दिन में कॉलोनी का भ्रमण करने को कहा। इसमें लापरवाही मिलने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का भी अल्टीमेटम दिया।