झांसी। समाजवादी पार्टी ने बृहस्पतिवार को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए बंगराधवा से सदस्य आशा गौतम को उम्मीदवार घोषित किया था। इसके 21 घंटे बाद ही शुक्रवार को सपा प्रत्याशी के पति कमल गौतम के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। इससे जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए चली आ रही राजनीति एकदम गरमा गई। सपा और भाजपा आमने-सामने आ गईं। सपाइयों ने मुकदमे के जरिये पार्टी प्रत्याशी को दबाव में लेने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। आठ सदस्य उनके पास हैं और छह का समर्थन हासिल हो चुका है।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए शनिवार को नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे। बृहस्पतिवार को भाजपा और सपा ने अपने पत्ते खोलते हुए प्रत्याशियों की घोषणा की थी। भाजपा ने पवन गौतम को प्रत्याशी घोषित किया और इसके तुरंत बाद सपा ने शाम चार बजे आशा गौतम के नाम पर मुहर लगा दी थी। इसके अगले ही दिन शुक्रवार को सुबह आपूर्ति विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने सपा प्रत्याशी के पति कमल गौतम की कटेरा में स्थित वंश गैस एजेंसी पर छापा मारा। पड़ताल के दौरान कमियां पाए जाने पर टीम ने 135 सिलिंडर जब्त कर लिए। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ने सिलिंडरों में से गैस की घटतौली करने, कालाबाजारी करने का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी। पुलिस ने बगैर देर किए एजेंसी के खिलाफ दोपहर 1.08 बजे 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया।
सपा प्रत्याशी घोषित होने के ठीक 21 घंटे बाद पति के खिलाफ हुई इस कार्रवाई से राजनीति का पारा गरमा गया। सपा के सभी बड़े नेता खुलकर पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में खड़े हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि उक्त कार्रवाई पार्टी प्रत्याशी को दबाव में लेने के लिए की गई है। सपा के पूर्व राज्यसभा सदस्य डा. चंद्रपाल सिंह यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा के साथ पूरा प्रशासन चुनाव लड़ रहा है। सपा के सदस्यों को धमकाया जा रहा है। सपा के साथ लोकतंत्र को हराने की कोशिशें की जा रही हैं। लेकिन, सपाई पीछे हटने वाले नहीं हैं। सपा प्रत्याशी चुनाव भी लड़ेंगी और जीत भी हासिल करेंगी। जीत के लिए हमारे पास पर्याप्त सदस्यों का समर्थन हासिल है।
सपा ने आठ प्रत्याशी खोले, छह के समर्थन का दावा
झांसी। जिला पंचायत के 24 सदस्यीय सदन में पूर्ण बहुमत हासिल करने के लिए 13 सदस्यों का समर्थन होना जरूरी है। चुनाव में सपा के पांच अधिकृत प्रत्याशी जीत कर आए थे। हालांकि, सपा द्वारा शुरू से ही आठ सदस्य होने का दावा किया जा रहा है। शुक्रवार को एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में सपा के सभी आठ सदस्य मौजूद रहे। इस दौरान सपा नेताओं ने दावा किया कि उनके पास छह और सदस्यों का समर्थन हासिल है। लिहाजा उसके पास 14 सदस्य मौजूद हैं। इस मौके पर एमएलसी रमा निरंजन, पूर्व सांसद डा. चंद्रपाल सिंह यादव, पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव, पूर्व एमएलसी श्यामसुंदर सिंह व तिलक अहिरवार, सपा जिलाध्यक्ष महेश गौतम, महानगर अध्यक्ष तनवीर आलम समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
आज दाखिल होंगे नामांकन पत्र
झांसी। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए शनिवार को नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे। नामांकन सुबह 11 से दोपहर तीन बजे तक जमा किए जाएंगे। शनिवार को ही नामांकन पत्रों की जांच होगी। जबकि, 29 जून को नामांकन पत्र वापस लिए जा सकेंगे। तीन जुलाई को सुबह 11 से दोपहर तीन बजे तक मतदान होगा। इसके बाद मतगणना की जाएगी।
शुरू हुआ शह और मात का खेल, तीन जुलाई को अंतिम मुकाबला
झांसी। वैसे तो पंचायत चुनाव के परिणाम सामने आने के बाद ही भाजपा और सपा की निगाहें जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर जम गईं थीं। लेकिन, अब दोनों दलों के बीच खुलकर शह और मात का खेल शुरू हो गया है, जो तीन जुलाई को मतदान होने तक जारी रहने वाला है। दरअसल, दोनों ही दलों के पास जिला पंचायत के सदन में बहुमत नहीं है। ऐसे में दोनों ही दल निर्दलीय व अन्य दलों के सदस्यों का समर्थन हासिल करने में अपनी ताकत झोंके हुए हैं। सदस्यों का समर्थन हासिल करने को खींचतान मची हुई है।
24 सदस्यीय जिला पंचायत के अध्यक्ष पद पर पहुंचने के लिए 13 सदस्यों का समर्थन हासिल होना जरूरी है। लेकिन, भाजपा के पास सिर्फ नौ सदस्य हैं, जबकि सपा के खाते में पांच ही सीटें गईं थीं। हालांकि, शुक्रवार को सपा नेता आठ पंचायत सदस्यों के साथ मीडिया से मुखातिब हुए, लेकिन जादूई आंकड़ा छूने के लिए उन्हें अभी पांच और सदस्यों की दरकार है, जबकि भाजपा को चार सदस्यों का समर्थन चाहिए। सपा नेताओं का दावा है कि उनके पास छह और सदस्यों का समर्थन हासिल है, लिहाजा वे आसानी से चुनाव जीत जाएंगे। वहीं, भाजपा का दावा है कि चौदह सदस्य पहले ही उन्हें समर्थन दे चुके हैं। कुछ और भी उनके साथ आने को तैयार हैं। ऐसे में भाजपा प्रत्याशी की जीत पक्की है। लेकिन, शुक्रवार को अचानक सपा प्रत्याशी के पति के खिलाफ मुकदमा कायम होने से राजनीति गरमा गई है। साथ ही हालात इशारा कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच लड़ाई और भी तेज होने वाली है। सपा पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर अपना कब्जा बरकरार रखने को बेकरार है, तो वहीं भाजपा अनुकूल परिस्थितियों के बीच हर हाल में ये कुर्सी हासिल करना चाहती है। हालांकि, राजनीति का ऊंट किस करवट बैठेगा, ये तीन जुलाई को मतदान और मतगणना के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
जीत के लिए पर्याप्त सदस्यों का समर्थन हम पहले ही हासिल कर चुके हैं। चौदह सदस्य अब तक भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में समर्थन जुटा चुके हैं। इसके अलावा भी अन्य सदस्य हमारे समर्थन में हैं। भाजपा प्रत्याशी की आसानी से जीत हो जाएगी।
- मुकेश मिश्रा, महानगर अध्यक्ष - भाजपा
जीत का जादूई आंकड़ा हमारे पास है। इससे भारतीय जनता पार्टी के लोग बौखलाए हुए हैं। इसी बौखलाहट में सपा प्रत्याशी के प्रति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। लेकिन, सपाई दबाव की इस राजनीति से पीछे हटने वाले नहीं है।
- महेश कश्यप, जिलाध्यक्ष - सपा