अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। देवलाल चौबे का अखाड़ा मोहल्ला निवासी सैलून संचालक महेंद्र सेन (52) की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। शुक्रवार सुबह उनका शव घर से करीब दो किलोमीटर दूर एक खाली झोपड़ीनुमा जगह से बरामद हुआ। चेहरे, सीने समेत हाथ में झुलसने के निशान थे। यह निशान देखकर परिजन हत्या का आरोप लगाने लगे। महेंद्र के वहां तक पहुंचने की बात भी साफ नहीं हो सकी।
कोतवाली अंतर्गत देवलाल चौबे अखाड़ा मोहल्ला निवासी महेंद्र बड़ा बाजार में मुरली मनोहर मंदिर के पास सैलून चलाते थे। परिजन ने बताया वह बृहस्पतिवार सुबह घर से सैलून खोलने के लिए पैदल निकले थे। दोपहर में खाना खाने घर आने की बात कही थी, लेकिन देर-रात तक नहीं लौटे। दुकान भी नहीं खोली। उनका पता न चलने पर परिजन ने तलाश शुरू की। सुबह उनका शव नारायण बाग के पास कमला गार्डन के सामने बनी एक झोपड़ीनुमा जगह से बरामद हुआ। उसकी शर्ट वहां उतरी हुई थी। आसपास शराब की बोतलें पड़ी थीं। परिजन हत्या की आशंका जताने लगे। उनका कहना था कि चेहरे, गले, सीने पर चोट के साथ झुलसने के निशान हैं। सीओ सिटी रामवीर सिंह का कहना है कि शरीर में चोट के निशान नहीं मिले हैं। प्रारंभिक छानबीन में किडनी फेल होने से मौत की वजह सामने आई है।
अक्सर सत्संग करने जाते थे
उनके बेटे अरविंद ने पुलिस को बताया कि महेंद्र का सत्संग एवं पूजा-पाठ में मन अधिक रमता था। अक्सर घंटों सत्संग में बीतते थे। दर्शन पूजन के लिए भी बिना बताए चले जाते थे। बृहस्पतिवार शाम तक उनके न लौटने को उन लोगों ने यही समझा। परिवार के लोगों का यह भी कहना है कि उनकी किसी से रंजिश नहीं है।
सीसीटीवी फुटेज में अकेले जाते दिखे
पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी तलाशे। सीओ सिटी रामवीर सिंह का कहना है कि आसपास के कई सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर महेंद्र सिर्फ अकेले ही आते दिखाई दिए। उनके साथ कोई दूसरा नहीं दिखाई पड़ा। दूसरे रास्ते पर भी तलाशा गया, लेकिन वहां भी कोई दूसरा व्यक्ति बाहर निकलता नजर नहीं आया।