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सलीम बाग में विद्युतीकरण का काम रोका, लोग परेशान

Sat, 03 Sep 2016 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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झांसी। सलीम बाग बस्ती में जरूरतमंदों को बिजली कनेक्शन देने का काम विधायक रवि शर्मा की एक चिट्ठी पर रोक दिया गया है। काम रोकने से पहले न तो बिजली विभाग ने विधायक को हकीकत बताईं और न ही विधायक ने मौके पर जाकर समस्या समझने की कोशिश की। इसका नतीजा यह हुआ कि बस्ती में बड़े पैमाने पर लोगों को कनेक्शन नहीं मिल पा रहा है।   
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अली गोल खिड़की बाहर स्थित सलीम बाग क्षेत्र का धीरे- धीरे विस्तार होता जा रहा है। इस क्षेत्र में जमीन का भाव कम होने से जरूरतमंद लोग अपने घर बनाते जा रहे हैं। सलीम बाग में ही स्टार और स्टार वन बस्तियां डवलप हो गई हैं।

नई बस्तियां विकसित होने से यहां पहले से कोई विद्युत लाइन नहीं थी। इस कारण क्षेत्र के लोगों ने यहां से निकलने वाली ट्यूबवेल विद्युत लाइन से कनेक्शन लेना शुरू कर दिया। नियम के विरुद्ध लोगों ने बल्लियों के सहारे केबल अपने घरों तक डालकर अपने घर रोशन कर लिए। विद्युत विभाग का नियम है कि कोई भी बिल्डर (कॉलोनाइजर) नई कॉलोनी विकसित करता है तो उसे ही सड़क, बिजली और पानी सप्लाई के लिए इसका बुनियादी ढांचा तैयार करके देना होगा। दिक्कत यह हुुई कि सलीम बाग क्षेत्र के लोगों ने अलग- अलग कई लोगों से प्लाट खरीदे थे, इस कारण क्षेत्र ने बस्ती का रूप ले लिया। शुरूआत में बिजली चोरी रोकने के  लिए विभाग खंभे से सौ मीटर दूरी तक कनेक्शन देता रहा। जब बात आगे बढ़ गई तो विद्युत विभाग ने इस क्षेत्र को जरूरतमंदों की बस्ती मानकर यहां का विद्युतीकरण कराने का निर्णय ले लिया। विभाग ने छह माह पूर्व स्काडा योजना के अंतर्गत इस क्षेत्र में खंभे लगवा दिए। तार खींचने का समय आया तो किसी व्यक्ति ने विधायक रवि शर्मा से शिकायत कर दी कि बिजली विभाग बिल्डर की ओर से विकसित कॉलोनी में विद्युतीकरण कार्य करा रहा है। इस पर विधायक ने विद्युत विभाग को इस संबंध में चिट्ठी लिख दी। विधायक की चिट्ठी पर काम रोक दिया गया। अब इस क्षेत्र के लोग कनेक्शन लेने के लिए विद्युत कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। अधिकारी पल्ला झाड़ रहे हैं। अधिशासी अभियंता पंकज अग्रवाल से इस मुद्दे पर बात की गई तो वह हटते-बचते नजर आए। कहा कि काम किसने रुकवाया और क्यों, वह नहीं बता सकते।
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मैं खुद जाऊंगा मौके पर
मुझसे शिकायत की गई थी कॉलोनी को बिल्डर द्वारा विकसित किया गया है। चूंकि, स्काडा योजना के अंतर्गत जर्जर तार बदलने, नए खंभे और ट्रांसफार्मर लगाने का काम होना है। ऐसे में एक विकसित कॉलोनी में विभाग द्वारा काम कराना गलत था। इस कारण मैंने पत्र लिखकर कार्य का विरोध जताया था। अगर वहां बस्ती है तो मैं अपनी शिकायत वापस ले लूंगा। और एक- दो दिन में मैं खुद मौके पर हकीकत जानूंगा। जरूरतमंदों को बिजली कनेक्शन का रास्ता निकाला जाएगा।

रवि शर्मा, नगर विधायक

यदि नए खंभों पर तार खींचने का काम पूरा हो जाए तो नजदीक के खंभे से बिजली कनेक्शन देना आसान हो जाएगा। इससे विभाग की आय भी होगी। कनेक्शन न मिलने से कुछ लोग बिजली चोरी कर रहे हैं। यदि उनके कनेक्शन नियमित हो जाएं तो समस्या खत्म हो जाएगी।
पंकज अग्रवाल, अधिवासी अभियंता (द्वितीय)।

इनका दुख-दर्द कौन सुनेगा
फोटो
तीन माह से अंधेरे में परिवार
बस्ती की नजमा ने बताया कि बड़ी मुश्किल से उसने घर बनवाया था। वह तीन माह से बिजली कार्यालय के चक्कर लगा रही है, मगर कनेक्शन नहीं मिल रहा। अंधेरे में एक- एक दिन काटना मुश्किल हो रहा है। बिना बिजली के बच्चे बेहाल रहते हैं।
 
लो वोल्टेज की समस्या
अजमत अली ने बताया कि उन्होंने बहुत दूर से कनेक्शन ले रखा है। इस कारण घर में वोल्टेज लो रहता है।  पंखे के पर तो घूमते हैं पर हवा नहीं देते। उम्मीद थी कि नई लाइन डलने पर वोल्टेज की समस्या दूर जाएगी, मगर काम ही रुक गया।

आए दिन टूटते हैं तार
राजू ने बताया कि क्षेत्र के लोगों ने ट्यूबवेल लाइन से डेढ़- डेढ़ सौ मीटर दूर से तार खींचे हैं। अब तो तार भी जर्जर हो चुके हैं। ओवर लोडिंग के कारण आए दिन तार टूट जाते हैं। इस कारण घंटों बिजली गुल रहती है।

बहुत आ रही बिल की राशि
शमशाद जहां ने बताया कि तार बल्लियों के सहारे टिके हैं। हर वक्त खतरा बना रहता है। नए खंभे लगा दिए गए हैं और इनके जरिए तार खींच दिए जाएं तो समस्या खत्म हो सकती है।
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