साल भर से फाइलों में घूम रहा राजकीय डिग्री कॉलेज
झांसी। झांसी विधानसभा क्षेत्र में राजकीय डिग्री कॉलेज लगभग साल भर से फाइलों में ही घूम रहा है। पिछले साल सितंबर महीने में ही इसकी स्थापना के लिए दो स्थानों पर जमीन चिह्नित कर ली गई थी। उच्च शिक्षा विभाग ने भी इस पर सहमति जता दी थी। इसके बावजूद अब तक कॉलेज का निर्माण शुरू होना तो दूर, जगह के लिए भी हरी झंडी नहीं मिल सकी है।
पिछले साल बुंदेलखंड में अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में सात राजकीय डिग्री कॉलेज खोलने के लिए मंजूरी मिली थी। इनमें तीन कॉलेज जनपद में नगर, बबीना और मऊरानीपुर में खुलने थे। इनमें से बबीना और मऊरानीपुर के कटेरा में राजकीय कॉलेज के निर्माण के लिए एक-एक करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति भी मिल चुकी है। बबीना में तो निर्माण भी शुरू हो चुका है। झांसी में ही अब तक जगह को हरी झंडी नहीं मिल सकी है।
हालांकि, जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी ने जीआईसी में ही राजकीय डिग्री कॉलेज खोलने के लिए भूमि को अधिग्रहण की स्वीकृति के लिए राजस्व परिषद के आयुक्त एवं सचिव को पत्र लिखा था। कोई जवाब न मिलने पर डीएम ने बीते अगस्त में फिर से मुख्य सचिव को पत्र लिखा। पत्र में कहा गया कि चिह्नित भूमि नॉन जेडए की है। ऐसे में महाविद्यालय की स्थापना के लिए भूमि अधिग्रहण की स्वीकृति दिलाएं।
वहीं, इस मामले में क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. संध्या रानी का कहना है कि राजकीय महाविद्यालय के लिए जीआईसी में भूमि का चयन कर लिया गया है। शासन स्तर से भूमि के पुनर्ग्रहण की मंजूरी मिलनी है। जैसे ही अनुमति मिल जाएगी, वैसे ही कॉलेज का निर्माण शुरू हो जाएगा।
अभी सिर्फ एक ही राजकीय कॉलेज
वर्तमान में झांसी जनपद में केवल एक राजकीय डिग्री कालेज है। ये कचहरी चौराहे के पास स्थित है। इस कालेज में केवल बालिकाओं के पढ़ने की व्यवस्था है। जबकि, नए खुलने वाले सभी महाविद्यालय सह शिक्षा होंगे। इनमें बालक और बालिकाएं साथ में उच्च शिक्षा हासिल कर सकेंगे। इसके अलावा इन कॉलेज में कला, वाणिज्य और विज्ञान तीनों संकायों की पढ़ाई होगी।