बिजली उपभोक्ताओं को एक और ‘झटका’
झांसी। बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं को सिक्योरिटी (अग्रिम राशि) के नाम पर एक और झटका दिया है। विभाग 45 दिनों की बिजली उपभोग के बिल के बराबर अग्रिम राशि जमा करवा रहा है। इसके लिए उपभोक्ताओं को नोटिस भेजना शुरू कर दिए गए हैं।
बिजली विभाग से सीपी मिशन कंपाउंड में रहने वाले जीएस श्रीवास्तव के घर जल्द ही 5831.30 रुपये सिक्योरिटी (अग्रिम राशि) जमा कराने का नोटिस पहुंचने वाला है। दरअसल, जीएस श्रीवास्तव ने जब अपने घर पर कनेक्शन लगवाया था, उस समय उनसे कनेक्शन राशि में ही शामिल 900 रुपये अग्रिम राशि के जमा कराए गए थे। विभाग का मानना है कि उपभोक्ता 45 दिन में जितनी बिजली जलाता है। उतनी सिक्योरिटी तो कम से कम विभाग के पास जमा होनी चाहिए। इससे अगर उपभोक्ता का पांच हजार रुपये से अधिक राशि होने पर कनेक्शन कट जाता है तो उसकी भरपाई अग्रिम राशि से हो सके।
इसमें उपभोक्ता का 45 दिन का जितना बिल बन रहा है, उसमें से कनेक्शन के वक्त जमा अग्रिम राशि को घटाया जा रहा है। जैसे कि जीएस श्रीवास्तव के 45 दिन के बिल का आकलन 6731.30 रुपये किया गया था, मगर उनके अग्रिम राशि के 900 रुपये पहले से जमा थे। ऐसे में उनको 900 रुपये घटाकर 5831. 30 रुपये जमा करने का नोटिस भेजा गया है।
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम से अभी करीब तीन हजार नोटिस मिले हैं, जिनका वितरण शुरू कर दिया गया है। जैसे- जैसे नोटिस आते जाएंगे, उनको बांटने का काम होता रहेगा। इस राशि को जमा करने के लिए 30 दिन का वक्त दिया जा रहा है। यह राशि भी बिल काउंटरों पर जमा की जा रही है। जो उपभोक्ता यह राशि जमा नहीं करेंगे। वह आगे उनके बिल के साथ जुड़कर आएगी।
डी यादवेंदु, अधिशासी अभियंता (प्रथम)।
इस तरह ली जाती है अग्रिम राशि
कनेक्शन लेते वक्त एक किलोवाट घरेलू कनेक्शन पर तीन सौ रुपये, दो किलोवाट पर चार सौ रुपये, वाणिज्यिक कनेक्शन पर एक हजार रुपये, प्राइवेट विज्ञापनों के कनेक्शन में छह हजार रुपये, सार्वजनिक स्थलों के कनेक्शन पर चार व पांच हजार रुपये, पब्लिक वाटर पार्क पर चार हजार रुपये, रेलवे ट्रैक्शन पर साढ़े चार हजार रुपये अग्रिम राशि जमा करवाई जाती है।
दस करोड़ रुपये की होनी है वसूली
महानगर में 1.18 लाख उपभोक्ता हैं। इन सभी उपभोक्ताओं पर दस करोड़ रुपये अग्रिम राशि तय की गई है। 45 दिनों के बिजली उपभोग की यह राशि सूत्र के द्वारा निकाली गई है। इसके लिए 12 महीनों के बिल को जोड़कर उसमें 12 का भाग दिया गया। जो राशि आई उसमें दो का गुणा किया गया।