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सेफर इंटरनेट डे : ऑनलाइन नौकरी के नाम पर न बने ठगों के शिकार

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अमर उजाला ब्यूरो
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झांसी। आज 11 फरवरी को सेफर इंटरनेट डे है। इस वर्ष इसकी थीम है टुगेदर, फॉर अ बेटर इंटरनेट यानी बेहतर इंटरनेट के लिए हम साथ आएं है। युवा नौकरी के नाम पर साइबर अपराधों और ठगों की गिरफ्त में आ जाते हैं। इससे बचने के लिए इंटरनेट के उपयोग और साइबर अपराधों के प्रति जागरूक होना जरूरी है।
साइबर थाने में तैनात साइबर एक्सपर्ट अजीत शर्मा बताते हैं कि साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतें मोटे तौर पर दो प्रकार की होती हैं। पहली वित्तीय शिकायतें और दूसरी गैर वित्तीय शिकायतें। वित्तीय शिकायतों में ट्रेडिंग और ऑनलाइन निवेश में हुई धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट कर रुपये हड़प लिए जाना आदि शामिल हैं। वहीं गैर वित्तीय शिकायतों में ऑनलाइन बुलिंग, सोशल मीडिया पर फेक आई डी बना कर बदनाम करना आदि शामिल हैं।
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उन्होंने बताया कि इन दिनों वित्तीय धोखाधड़ी में ज्यादातर शिकायतें ऑनलाइन ट्रेडिंग से जुड़ी हुईं हैं। लोग अनजान सोशल मीडिया ग्रुप से जुड़ जाते हैं। यहां बड़ी कंपनी में निवेश के नाम पर न के बराबर समय में रकम दो-ढाई गुनी करने का दावा किया जाता है। फिर षडयंत्र शुरू होता है जब रकम कंपनी के खाते के बजाय किसी व्यक्तिगत खाते में ट्रांसफर कराई जाती है। लेकिन जब तक समझ आता है बहुत देर हो चुकी होती है।
यहीं, एक और प्रकार की धोखाधड़ी सामने आती है। खातों के जरिए लोगों की रकम इधर से उधर करने का काम। इसमें ठग हथियार बनाते हैं रोजगार की तलाश में भटक रहे, गांव-देहात के कम पढ़े लिखे युवाओं को। उन्हें ऑनलाइन नौकरी के नाम ट्रांसफर की जाने वाली रकम में मोटी कमीशन का लालच दिखाया जाता है। युवा नौकरी के नाम पर साइबर अपराधों और ठगों की गिरफ्त में आ जाते हैं। यदि आपको भी कोई इस तरह का प्रलोभन दे तो इसकी सूचना तुरंत साइबर पुलिस को दें।

सार्वजनिक स्थानों पर फ्री मिलने वाले वाई-फाई से बचना चाहिए। यहां से हैकिंग की बड़ी संभावना रहती हैं। कई बार बच्चे अपनी पढ़ाई का टॉपिक खोजते-खोजते ऐसी वेबसाइट पर पहुंच जाते हैं। जहां तमाम पॉप-अप एड आने लगते हैं। धोखे से क्लिक हाेते ही यह दूसरी वेबसाइट पर पहुंचा देता है या फोन हैंग हो जाता है। ऐसे में तुरंत उस टैब को ही बंद कर देना चाहिए। - साक्षी, यूएसए से आईटी सिक्योरिटी में एमएस
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यहां कर सकते हैं शिकायत

हर थाने पर साइबर हेल्प डेस्क खोली गई है। इसके अलावा 1930 पर या cybercrime.gov.in पर भी शिकायत कर सकते हैं। साथ ही व्हाट्सएप पर साइबर दोस्त नाम से चैनल बनाया गया है।
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