महानगर की सफाई व्यवस्था दशहरा पर चरमरा गई। कुछ सफाई कर्मचारी ड्यूटी पर आए, लेकिन कचरा इतना अधिक था कि संभाल नहीं सके। स्थिति यह रही कि जगह-जगह हुए कन्या भोज और भंडारों के कारण प्रतिबंधित दोना व पत्तलों की धड़ल्ले से बिक्री हुई, इससे नियमों की खूब धज्जियां उड़ीं।
बृहस्पतिवार को नवमी व शुक्रवार को दशहरा होने के कारण अवकाश रहा। पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के निधन के कारण शनिवार को राजकीय शोक होने से कार्यालयों में छुट्टी रही। सफाई आवश्यक सेवाओं में आती है, इस कारण कहने को तो सफाई कर्मचारी ड्यूटी पर रहे लेकिन अधिकांश गायब रहे। महानगर में प्रतिदिन 250 से 300 मीट्रिक टन कचरा निकलता है, लेकिन सफाई कर्मचारियों की कमी व्यवस्थाएं बनाने में नाकाम रहीं। स्थिति यह रही कि जहां नजर दौड़ाओ गंदगी नजर आई। खासकर शनिवार को स्थिति बहुत खराब हो गई। जगह-जगह हुए कन्या भोज और भंडारों के कारण दोना और पत्तलों की भरमार रही। शासन ने थर्माकोेल के दोना-पत्तलों पर प्रतिबंध लगा रखा है, इन्हें बेचने वाले को सजा का प्रावधान है लेकिन त्योहार पर इनकी ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। दुकानदारों ने चोरी-छिपे खूब दोना-पत्तल बेचे। कई दुकानदारों ने तो ओवररेट पर इनकी बिक्री की। रविवार को भी अवकाश है। इस कारण भी सफाई व्यवस्था प्रभावित रहेगी। सोमवार से ही सफाई पटरी पर आने की उम्मीद है।
इन स्थानों पर लगे कचरे के ढेर
कचरा के ढेर नई बस्ती, कृष्णचंद्र कन्या इंटर कॉलेज के सामने, पठौरिया रोड, सीपरी बाजार ओवरब्रिज के नीचे, नंदनपुरा की पुलिया, केके पुरी, बड़ा बाजार से बड़ागांव गेट बाहर, प्रेमनगर में थाना के पास, चंद्रशेखर आजाद मोहल्ला में कोतवाली की ढाल, लक्ष्मी गेट पर, इसके अलावा अन्य कई स्थानों पर कचरे के ढेर लगे रहे।