ग्वालियर मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण कार्य में पाइप लाइन बाधा बन गई है। सड़क पर रोलर चलने से पाइप लाइन बार-बार टूट जा रही है। महापौर रामतीर्थ सिंघल ने पाइप लाइन को किनारे पर शिफ्ट करने को कहा तो जल संस्थान ने इसका एस्टीमेट तैयार किया है, लेकिन बजट की कमी के कारण शिफ्टिंग का काम शायद नहीं हो पाएगा।
ग्वालियर रोड पर राजकीय पॉलिटेक्निक रेलवे क्रासिंग से पाल कालोनी (शिवपुरी फोरलेन चौराहा) तक सड़क चौड़ीकरण का काम नगर निगम करा रहा है। यह सड़क नौ मीटर चौड़ी बनाई जानी थी, लेकिन वन विभाग से 110 पेड़ काटने की अनुमति मिलने में देरी होने के कारण बीच का रास्ता निकाला गया और सात मीटर सड़क बनाने का निर्णय लिया, जिसमें पेड़ काटने की जरूरत नहीं पड़ी और काम फिर से शुरू हो गया। सड़क की खुदाई शुरू हुई तो नई समस्या आ गयी। सड़क के किनारे सीमेंट की पाइप लाइन डली हुई है। खुदाई करने के बाद गिट्टी डालकर रोलर चलाया गया तो पाइप लाइन पर जोर पड़ा और टूट गई। इससे दिक्कत आने लगी।
महापौर रामतीर्थ सिंघल ने निरीक्षण किया और मौके की स्थिति देखी तो उन्होंने जल संस्थान के महाप्रबंधक आरके यादव को निर्देश दिए कि पाइप लाइन सड़क के किनारे शिफ्ट कराइए। जल संस्थान ने इसकी शिफ्टिंग का एस्टीमेट बनाया तो करीब दो करोड़ रुपये खर्च का आकलन किया गया। लेकिन, जल संस्थान के पास तो कर्मचारियों का वेतन बांटने के लिए भी पैसा नहीं है। इसलिए विभाग ने हाथ खड़े कर दिए कि यदि नगर निगम पैसा दे तो पाइप लाइन शिफ्ट करा देंगे। उधर, नगर निगम भी इतना पैसा खर्च करने की स्थिति में नहीं है।
विधायक रवि शर्मा से विधायक निधि का पैसा देने की मांग की, तो उन्होंने मना कर दिया कि पुराने काम के लिए पैसा दे पाना संभव नहीं है। ऐसे में पाइप लाइन शिफ्ट करने की योजना खटाई में पड़ गई है।