झांसी। छावनी व्यापार मंडल के आह्वान पर बुधवार को सदर बाजार पूरी तरह बंद रहा। अभी इस क्षेत्र में कोरोना का एक भी मामला नहीं है, एहतियातन ये कदम उठाया गया है। 12 जुलाई तक यहां का बाजार बंद रहेगा। लोगों ने भी बंद का साथ दिया, वे भी घरों से नहीं निकले। वहीं, बफर जोन में दोपहर दो बजे तक आवश्यक वस्तुओं की दुकानें खुलने से लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया। इस कारण पुलिस को बार- बार रोकटोक करनी पड़ी।
कोरोना वायरस के संक्रमण के नियंत्रण के लिए 25 मार्च से सरकार द्वारा लागू किया गया लॉकडाउन 31 मई को खत्म हो गया था। एक जून से अनलॉक - 1 शुरू हुआ था। इसके साथ ही कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने लगी थी। जबकि, एक जुलाई से अनलॉक - 2 शुरू होने के साथ ही मरीजों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हो गई है। खासतौर पर थाना कोतवाली इलाके के घनी आबादी वाले पुराने शहर में सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। यहां के बाजारों में जुटने वाली भीड़ को इसके लिए जिम्मेदार माना जा रहा है। यही वजह रही कि प्रशासन ने कंटेनमेंट क्षेत्र को छोड़ पूरे थाना कोतवाली इलाके को बफर जोन घोषित कर दिया गया है। बुधवार को भी मानिक चौक, बड़ाबाजार, सुभाष गंज, लक्ष्मण गंज आदि समेत सभी इलाकों में दिन भर सन्नाटा पसरा रहा। सभी कारोबारी प्रतिष्ठानों पर ताले लटके रहे। वहीं, सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक किराना, दूध, फल-सब्जी आदि की दुकानें खुलने से बार- बार सोशल डिस्टेंसिंग का नियम टूटा। हालांकि, इस बीच सिटी मजिस्ट्रेट सलिल पटेल, सीओ सिटी संग्राम सिंह पुलिस बल के साथ गश्त करते रहे। इससे दुकानदारों में भय बना रहा। इधर, सीपरी बाजार में चित्रा चौराहे से रस बहार तिराहा तक बाजार बंद रहा। मगर बाकी बाजार की दुकानें खुलने से चहल पहल रही। यहां के दुकानदार भी शहर क्षेत्र की तरह पूरी तरह दुकानें बंद कराने के पक्ष में दिखे।
वहीं, छावनी व्यापार मंडल ने 8 से 12 जुलाई तक के लिए सदर बाजार पूरी तरह से बंद रखने का फैसला लिया है। बुधवार को यहां के सभी बाजार बंद रहे। दिन भर सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। अभी इस क्षेत्र में कोरोना का एक भी मामला नहीं है, एहतियातन ये कदम उठाया गया है।