वित्तीय वर्ष 2017- 18 के लिए आयकर रिटर्न जमा करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2018 तय है। इसके बाद रिटर्न जमा करने पर पांच से दस हजार रुपये लेट फीस देनी होगी। इस बार रिटर्न सावधानी से भरें, क्योंकि गलत जानकारी देने पर छह साल के भीतर तक कभी भी आपकी जांच को सकती हैं।
आयकर रिटर्न जमा करने से पहले करदाता अपने बैंक खातों, सावधि जमा, अन्य जमा योजनाओं, बीमा, म्यूचुअल फंड व अन्य निवेश की सभी जानकारियां एकत्रित कर लें। इसके बाद ही रिटर्न भरें। दरअसल, पहले जो आयकर दाता रिटर्न जमा करते थे, उनमें से कुछ के ही रिटर्न रैंडम चेकिंग के लिए तय किए जाते थे कि करदाता ने सही सूचना दी है अथवा नहीं। इसमें अधिकांश झूठी सूचनाएं देने वाले बच जाते थे। मगर, आयकर विभाग ने करदाताओं को ही सही सूचना देने के लिए जिम्मेदार बना दिया है। सूचना गलत होने पर छह साल के भीतर कभी भी रिटर्न में भरी गईं सूचनाओं की जांच हो सकती हैं।
ये हैं लाभ
- कोई भी लोन कराने के लिए तीन साल का रिटर्न दाखिल होना जरूरी
- देश से बाहर जाने के लिए इमीग्रेशन प्रोफाइल में वीजा के लिए जरूरी
- थर्ड पार्टी इंश्योरेंस में दुर्घटना क्लेम के लिए
- अगर आपका टीडीएस कटता है और रिफंड आ रहा है तो रिफंड क्लेम के लिए जरूरी
- रिटर्न से आपकी आय का प्रूफ भी होता है
- आजकल सभी खरीद व अन्य गतिविधियां पेन कार्ड से लिंक होने से सरकार पर आपकी नजर है, इसलिए रिटर्न दाखिल कर आप किसी भी तरह की कार्रवाई से बच सकते है।
समय से भरने का फायदा
आयकर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विजय खन्ना ने बताया कि नौकरीपेशा, पैतृक संपत्ति से आय और बैंक के ब्याज से जिनको सालाना 50 लाख रुपये तक की आय होती है, उनको आयकर रिटर्न जमा करने के लिए आईटीआर वन यानी सहज फार्म भरना है। अंतिम तिथि तक रिटर्न दाखिल करने से फायदा यह है कि अगर कोई गलती हो जाए तो रिवाइज्ड रिटर्न (गलती को संशोधन कराके) दाखिल कर सकते है। वैसे अंतिम तिथि के बाद 30 मार्च तक रिटर्न भरा जा सकता है, मगर रिवाइज्ड रिटर्न का फायदा नहीं मिलता। देरी से रिटर्न दाखिल करने पर पांच हजार रुपये जुर्माने का भी प्रावधान है। ऑडिट कंपनियों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिलता है।
यह भी जानिए
वर्तमान समय में हर एक को आयकर रिटर्न भरना आवश्यक है। हर खरीद बिक्री, लोन लेने आदि में रिटर्न की आवश्यकता पड़ती है। आयकर विभाग ने पुरुष व महिलाओं को ढाई लाख रुपये, वरिष्ठ नागरिकों को तीन लाख रुपये व 80 वर्ष से ऊपर के सुपर वरिष्ठ नागरिकों को पांच लाख तक की आय पर टैक्स में छूट प्रदान कर रखी हैं। विभाग ने पांच लाख से ऊपर की आय व रिफंड पाने वालों के लिए ई-फायलिंग आवश्यक कर रखी है। पांच लाख से कम आय वाले भी ई-रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।
तीन हजार करदाताओं को भेजे गए नोटिस
आयकर विभाग ने तीन हजार से अधिक ऐसे लोगों को नोटिस जारी किए हैं, जिन्होंने 2011-12 के बाद पच्चीस हजार रुपये से अधिक का टैक्स जमा किया था, लेकिन बाद में रिटर्न जमा करना बंद कर दिया। आयकर दाताओं के जवाब से संतुष्ट न होने पर उनकी जांच की जाएगी।
तीन आयकर अधिकारी इधर-उधर
झांसी। आयकर विभाग में कार्यरत आयकर अधिकारी आरएन वर्मा को ललितपुर, श्रीगोपाल गुप्ता को कानपुर , राजेंद्र निगम का पदोन्नति पर ग्वालियर स्थानांतरित कर दिया गया है। उनकी जगह कानपुर से सुनील कुमार द्विवेदी, राहुल कुमार दीक्षित, मनोज पांडे और ललितपुर से एसपी सिंह को भेजा गया है।