ट्रेनों में सीट को लेकर मची रही मारामारी
झांसी। दीपावली के बाद मंगलवार को ट्रेनों में सीट को लेकर को बेहद मारामारी रही। शताब्दी और गतिमान एक्सप्रेस जैसी वीआईपी गाड़ियों में भी वेटिंग कंफर्म नहीं हो सकी। अन्य गाड़ियों में तो एक वेटिंग तक खिसकना मुश्किल बना रहा। रात में दिल्ली की तरफ जाने वाली गाड़ियों में जाने के लिए यात्रियों का हुजूम लगा रहा। वहीं, आरक्षण कार्यालय में तत्काल में टिकट बनवाने के लिए लंबी कतार लगी रही।
दीपावली मनाने के बाद मंगलवार से ही लोगों का ट्रेनों से लौटना शुरू हो गया। दिल्ली, वाराणसी, लखनऊ और पुणे की तरफ जाने वाली एक भी ट्रेन में सीट खाली नहीं थी। जिन यात्रियों ने वेटिंग का टिकट ले रखा था, उनकी दो- चार वेटिंग भी खिसककर नीचे नहीं आ सकी। ऐसे सभी यात्री ट्रेन के आने के वक्त टिकट चेकिंग स्टाफ से एक सीट देने के गुहार लगाते रहे।
अमूमन हबीबगंज से नई दिल्ली जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस और झांसी से निजामुद्दीन जाने वाली गतिमान एक्सप्रेस में अंतिम वक्त तक सीट मिल जाती थी, लेकिन मंगलवार को इन ट्रेनों की वेटिंग तक कंफर्म नहीं हो सकी। यही हाल दिल्ली की तरफ जाने वाली यूपी संपर्क क्रांति, मालवा एक्सप्रेस, पंजाब मेल, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, ताज एक्सप्रेस, पाताल कोट एक्सप्रेस, जीटी एक्सप्रेस, एपी एक्सप्रेस, तमिलनाडु एक्सप्रेस व भोपाल एक्सप्रेस का रहा।
इसी तरह मंगलवार को तत्काल में टिकट लेने के लिए आरक्षण कार्यालय में मारामारी मची रही। लोगों ने सुबह चार बजे से ही आरक्षण कार्यालय पहुंचना शुरू कर दिया। सुबह साढ़े नौ बजे एसी कोचों के लिए टोकन बंटने से पहले कतार में लोगों के बीच कई बार धक्कामुक्की हुई। पुणे, बंगलूरू, लखनऊ, दिल्ली की तरफ जाने वाली ट्रेनों में एक मिनट से भी कम समय में सीटें भर गईं। झांसी से होकर पुणे के लिए गोरखपुर पुणे एक्सप्रेस, यशवंतपुर संपर्क क्रांति, गोवा एक्सप्रेस और झेलम एक्सप्रेस जाती हैं। जिन लोगों को एक से पांच नंबर तक टोकन नंबर मिल गए, उनके ही टिकट बन सके। बाकी ने या तो वेटिंग का टिकट ले लिया या दूसरे दिन टिकट बनने की उम्मीद लेकर वापस लौट गए।
कोटे से सीट पाने के लिए रही मारामारी
रेल प्रशासन ने झांसी से अलग- अलग रूट पर जाने वाली 50 से अधिक ट्रेनों में इमरजेंसी कोटे से दो से आठ बर्थ तक उपलब्ध करा रखी हैं। इस कोटे से सीट पाने के लिए मंगलवार को मारामारी मची रही। एक ट्रेन के लिए 20 से 30 तक आवेदन आए।
इस तरह परेशान रहे यात्री
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- कचहरी चौराहा निवासी वरिष्ठ नागरिक विष्णु कुमार के नई दिल्ली में रहने वाले एक नजदीकी रिश्तेदार की तबीयत बेहद खराब है। उनको देखने के लिए कुछ रिश्तेदार विदेश से भी आ गए हैं, लेकिन विष्णु कुमार पत्नी के साथ झांसी से दिल्ली नहीं जा पा रहे हैं। मंगलवार को आरक्षण कार्यालय में उन्होंने सीट पाने के लिए कई ट्रेनों प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। बाद में आरक्षण कर्मियों के कहने पर उन्होंने हमसफर एक्सप्रेस में 17 वेटिंग का टिकट ले लिया। लेकिन, चार्ट बनने पर वेटिंग 11 पर आकर रुक गई। बुधवार को भी उनको किसी भी ट्रेन में आरक्षण नहीं मिल रहा है।
- सुभाष गंज निवासी प्रशांत नोएडा में नौकरी करते हैं। उनको मंगलवार को हर हाल में नई दिल्ली लौटना था। उन्होंने जीटी एक्सप्रेस में आरक्षण करा रखा था। अमूमन जीटी एक्सप्रेस में झांसी से दिल्ली तक का वेटिंग टिकट कंफर्म हो जाता है, लेकिन दीपावली पर बढ़ी मांग के टिकट कंफर्म नहीं हो सका। ऐसी स्थिति में वह दिल्ली जाने के लिए बेहद परेशान रहे।