टहरौली (झांसी)। बृहस्पतिवार को टहरौली थानांतर्गत ग्राम लौड़ी में एक बोरिंग कंपनी के मालिक के चंगुल से नौ किशोरों को ग्रामीणों ने मुक्त कराया। पंद्रह से सत्रह वर्ष के सभी किशोर सोनभद्र जिले के निवासी हैं। उन्हें फिलहाल गांव के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि की सुपुर्दगी में रखा गया है। पुलिस ने अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया है।
बुधवार की रात टहरौली थानांतर्गत ग्राम लौड़ी में दीनदयाल के खेत पर नलकूप की बोरिंग की जा रही थी। इसी दौरान किशोरों ने अपनी मजदूरी मांगी तो बोरिंग कंपनी के मालिक व उसके लोगों ने उनकी पिटाई कर दी। श्रमिकों के शोर मचाने पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजू पटेल व अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
उन्होंने किशोरों को मुक्त कराया। मुक्त करवाए गए किशोरों ने अपने नाम छोटू यादव पुत्र सत्यनारायण (17 वर्ष), राम पुत्र बलिराम (17 वर्ष), अनिल पुत्र सुग्रीव (15 वर्ष), जमना उर्फ पंडित पुत्र परदेशी ( 15 वर्ष), संदीप पुत्र ध्रुवनाथ गिरि (15 वर्ष), शिवकुमार पुत्र कमलेश (15 वर्ष), राकेश पुत्र विश्वनाथ (16 वर्ष), रविंद्र पुत्र ईश्वरी (15 वर्ष), विजय पुत्र रामा (15 वर्ष) बताए। पीड़ित किशोरों ने बताया कि वह सोनभद्र जिले के ग्राम करकोली के निवासी हैं।
उन्हें पास के ही गांव चौपान का एक ठेकेदार साढ़े आठ हजार रुपये मासिक वेतन पर एक साड़ी कंपनी में काम दिलाने के नाम पर मद्रास ले गया था। वहां पर साड़ी कंपनी में नौकरी न दिलाकर उन्हें एक बोरिंग करने वाली कंपनी के मालिक के सुपुर्द कर दिया। बोरिंग कंपनी का मालिक उन्हें झांसी लेकर आया। आरोप लगाया गया कि उन्हें महीने पर वेतन नहीं दिया जाता है। बंधक बनाकर भूखा प्यासा रख कर काम करवाया जाता है। विरोध करने पर मारपीट की जाती है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजू पटेल सभी किशोरों को थाना टहरौली ले गए।
थाना टहरौली के पुलिस उपनिरीक्षक दशाराम का कहना है कि बोरिंग कंपनी ने किशोरों को चार हजार रुपये मासिक के हिसाब से भुगतान कर दिया है। लिखित शिकायत प्राप्त न होने के कारण मुकदमा पंजीकृत नहीं किया जा सका है। किशोरों के परिवार के सदस्यों को सूचना दे दी गई है। उनकेआने पर सभी किशोरों को घर भेज दिया जाएगा। जब तक परिजन नहीं आते हैं तब सभी किशोर श्रमिक ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजू पटेल की सुपुर्दगी में रहेंगे। उपश्रमायुक्त झांसी विनोद शंकर मिश्र से ग्रामीणों नेबात करने का प्रयास किया पर उनसे बात नहीं हो सकी।