झांसी। खिरकपट्टी गांव में दोपहर दो बजे सड़क किनारे एक दुकान पर चुनावी चर्चा जारी थी। जीत- हार की संभावनाओं पर चर्चा के बाद प्रत्याशियों के समर्थकों द्वारा दिए जा रहे प्रलोभन पर बात शुरू हुई। प्यारेलाल ने कहा, रुपैया तो पांच दिना में बड़ा जैहैं, अगर आदमी ढंग ढौर को चुन लैहैं तो पांच साल तक बासै काम काड़त रैहैं। ईसैं भैया सब जनन खौं वोटन के बत्तल न तो रुपैया लैंने और न धुतियां। अगर कौनऊ पार्टी मउआ माता को परसाद बांटवे आबै तो बाय तो बिलकुलई वोट नईं देने।
चुनावी चर्चा को आगे बढ़ाते हुए बालाराम ने कहा, अबकी बैरे जीखौ वोट दैहैं सो बासे पैला जो वचन हरवा लैंहैं कै हमए गांव में गैल में बगररओ पानी बंद करवे के लाने नाली बनवा देवैं। पास में ही बैठे हरचरन ने कहा कक्का तुम कैहो सो अबै तो सबई जनै कै दे हैं कै हऔ करवा दैं हैं, पै चुनाव के बाद काऊ खौं नई सुनने। पैलां के चुनाव में नेताजी आए तै सो कै गए तै, नालियन कै लाने पैसा आ गऔ तो फिर ठैकेदार साब सबरौ मटिया मैट करके चले गए तै। ग्रामीणों की बातचीत से इस बात के साफ संकेत मिल रहे हैं कि इस चुनाव में प्रत्याशी और उनके समर्थकों को लोगों के गांव गलियों की छोटी-छोटी समस्याओं से भी दो चार होना पड़ सकता है।