जिले के नोडल अधिकारी एवं सेवायोजन के प्रमुख सचिव सुरेश चंद्रा की चौपाल में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कारस्तानी पर नाराजगी जताते हुए ट्रांसफार्मर मरम्मत के नाम पर धन उगाही का आरोप लगाया। इन आरोपों से प्रमुख सचिव भी हैरान रह गए। उन्होंने अधिशासी अभियंता को फटकारते हुए शिकायतें दूर करने को कहा।
मासिक समीक्षा बैठक के लिए शुक्रवार को यहां पहुंचे नोडल अधिकारी ने विकासखंड के घिसौली गांव में चौपाल लगाई। चौपाल आरंभ होते ही किसानों का गुस्सा बिजली विभाग पर फूट पड़ा। ग्रामीणों ने कहा महज छह घंटे बिजली मिलती है। वोल्टेज बेहद कम रहता है। इसके चलते कोई काम नहीं हो पाता। ट्रांसफार्मर खराब होने पर ढाई से तीन हजार रुपये मरम्मत के नाम पर वसूले जाते हैं।
शिकायत से नाराज प्रमुख सचिव ने अभियंता को तलब किया लेकिन, मौके पर बिजली विभाग से कोई मौजूद नहीं था। भड़के प्रमुख सचिव ने तुरंत अधिशासी अभियंता को आने को कहा।
अभियंता के पहुंचने के बाद भी ग्रामीणों का गुस्सा ठंडा नहीं हुआ। प्रमुख सचिव ने फटकार लगाते हुए इस पर रोक लगाने की मांग की। डीआरडीए डॉ.आरके गौतम ने गांव में चल रही विकास योजनाओं के बारे में बताया। इसके पहले उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं राजकीय महाविद्यालय पहुंचकर वहां व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
घिसौली स्थित गोआश्रय स्थल पहुंचकर व्यवस्थाएं देखी। रेशम कीट पालने के लिए ग्रामीणों को प्रोत्साहित करने के भी निर्देश दिए। इस दौरान प्रभारी जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे, एसडीएम संजीव कुमार मौर्या, डॉ.योगेंद्र निगम, डीडीओ उग्रसेन यादव, डॉ.वाईएस तोमर समेत अन्य उपस्थित थे।