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अग्निपथ पर बवाल: चार दिन में रेलवे को लौटाने पड़े आठ लाख के टिकट

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झांसी। अग्निपथ योजना के विरोध में चल रहे आंदोलन से रेलवे को खासी चपत सहनी पड़ गई। आंदोलन के चलते रेल प्रशासन को पांच दर्जन से अधिक ट्रेन निरस्त करनी पड़ीं बल्कि बड़ी संख्या में रेल यात्री भी अपनी यात्राएं स्थगित कर रहे हैं। ऐसे में झांसी रेल मंडल से चार दिन में करीब आठ लाख रुपये कीमत के टिकट लौटाने पड़े।
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केंद्र सरकार द्वारा अग्निपथ योजना के एलान के बाद बृहस्पतिवार से आंदोलन भड़क उठा। इससे सर्वाधिक दिल्ली-हावड़ा-दरभंगा रूट प्रभावित रहा। इसके चलते एनसीआर जोन अब तक अपनी 61 ट्रेन निरस्त कर चुका। इनमें गाड़ी संख्या 12506, 15484, 12488, 12566, 12368, 12554, 12562, 12802 समेत मुंबई की ओर जाने वाली आधा दर्जन से अधिक ट्रेन शामिल हैं। इनके निरस्त होने से इनमें आरक्षित टिकट बगैर कोई पैसा काटे पूरा रिफंड करना पड़ रहा। वहीं, दिल्ली-हावड़ा-दरभंगा रूट की ओर जाने वाले यात्री इस हंगामे के चलते अपनी यात्राएं स्थगित कर रहे हैं। बड़ी संख्या में यात्रियों ने अपने टिकट कैंसिल कराए हैं। झांसी स्टेशन से 14 जून को 62,030 रुपये, 15 जून को 49,985 रुपये, 16 जून को 39,015 रुपये, 17 जून को 54,715 रुपये एवं 18 जून को 69,540 रुपये एवं 19 जून को 42,312 रुपये के टिकट वापस करने पड़े। यहां से 3,17,597 लाख रुपये लौटाए गए जबकि ग्वालियर, खजुराहो समेत अन्य छोटे स्टेशनों से भी चार लाख रुपये के टिकट वापसी कराई गई। वहीं, जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह का कहना है जिन गाड़ियों को निरस्त किया गया है उनका पूरा पैसा रिफंड किया जा रहा है।
रेलवे को वापस करना पड़ रहा पूरा पैसा
बवाल के चलते रेल प्रशासन ने जिन गाड़ियों को निरस्त किया, उसके आरक्षित टिकटों का पूरा रिफंड यात्रियों को किया जा रहा जबकि अगर यात्री खुद से अपनी यात्रा स्थगित करता है तब उसे कटौती करके पैसा रिफंड होता है। इसमें करीब पचास फीसदी तक की कटौती हो जाती है लेकिन, निरस्त ट्रेन होने की वजह से रेलवे को कोई पैसा नहीं मिल रहा।
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