झांसी। बुधवार को शासन के प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद /जिले के नोडल अधिकारी सुधीर गर्ग ने मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय, जिला अस्पताल व निर्माणाधीन विशिष्ट मंडी स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान जिला अस्पताल में एक मरीज ने जांच के नाम पर रुपये लेने का आरोप लगाया।
वहीं एक अन्य मरीज के तीमारदार ने आपरेशन न होने की शिकायत की। इस पर उन्होंने जांच के निर्देश देते हुए स्वास्थ्य सेवाओं मेें सुधार करने को कहा। साथ ही निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ख्याल रखने के निर्देश दिए।
प्रमुख सचिव पहले मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने कॉल सेंटर का निरीक्षण करते हुए गर्भवती महिलाओं से हुई बातचीत की रिकार्डिंग सुनी। तदुपरांत, उन्होंने कंट्रोल रूम देखा। इसके बाद प्रमुख सचिव जिला अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने मरीजों व तीमारदारों से सीधे बात कर प्राप्त होने वाली सुविधाओं की जानकारी ली।
टीकाकरण काउंटर पर लगी भीड़ देखकर उन्होंने सभी महिलाओं के बैठने की व्यवस्था बनाने को कहा। इस दौरान उन्होंने पैथोलॉजी व ओपीडी का भी निरीक्षण किया। उन्होंने प्रसव के दौरान गर्भवती महिलाओं को सभी जांच नि:शुल्क किए जाने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने भर्ती मरीजों को बेड पर तकीये न दिए जाने पर असंतोष जताया। अस्पताल प्रशासन को इसकी मांग भेजने को कहा।
इस दौरान दिलीप कुशवाहा ने आरडीसी सेंटर में सीबीसी जांच के लिए ढाई सौ रुपये लेने का आरोप लगाया। इसे मुख्य सचिव ने गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए। वहीं चंद्र प्रकाश ने बताया कि उसकी पत्नी का ऑपरेशन होना है। वह चार दिन से भर्ती है, परंतु सुनवाई नहीं हो रही है। इस पर प्रमुख सचिव ने अस्पताल प्रशासन को तत्काल कदम उठाने को कहा। इसके अलावा अन्य मरीजों से भी प्रमुख सचिव ने हाल पूछा।
बाद में निर्माणाधीन विशिष्ट मंडी स्थल के निरीक्षण में प्रमुख सचिव ने कहा कि निर्माण गुणवत्ता व आवश्यकता परक होना चाहिए। मंडी में व्यापारियों को सभी सुविधाएं दी जाएं। बैंक के साथ-साथ यहां रेल लाइन डाली जाए, ताकि सीधी रैक यहां आ सके। उन्होंने कहा कि मंडी का निर्माण शीघ्र किए जाने पर मंडी प्रशासन को पुरस्कृत किया जाएगा।
इसके बाद उन्होंने ब्लाक चिरगांव का निरीक्षण किया।
ग्राम परगहना में चौपाल लगाकर प्रमुख सचिव ने ग्रामीणों से संवाद स्थापित किया। ग्राम प्रधान ने ग्राम में एक माह में खुले में शौच बंद कराने का भरोसा दिया। इसके अलावा ग्राम में पेंशन व विद्युत कैंप भी लगाए गए। विद्युत कैंप में एलईडी वितरित की गईं व नये संयोजनों के लिए आवेदन लिए गए।
शराब पीकर सामने आया कर्मचारी
झांसी। जिला अस्पताल में संविदा पर तैनात एक कर्मचारी प्रमुख सचिव के सामने आ गया। हाथ में फाइल लेकर वह अपनी समस्याएं बताने लगा। उसके मुंह से शराब की महक आ रही थी। इस पर अधिकारियों ने उसे वहां से दूर किया। वहीं, महिला वार्ड में भर्ती एक महिला का पति भी शराब के सुरूर में मिला। इस पर उसे फटकार कर वहां से भगाया गया।