झांसी के प्रेमनगर थाना इलाके के नगरा निवासी भगवानदास वर्मा (57) आरपीएफ में सब इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत थे। वह आरपीएफ के डॉग स्क्वायड में तैनात थे। बृहस्पतिवार की रात वह ड्यूटी से घर लौटे। खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में सोने चले गए थे। सुबह आठ बजे उन्हें ड्यूटी पर जाना था। जब वे काफी देर तक नहीं जगे तो बेटा उन्हें जगाने पहुंचा।
दरवाजा खटखटाने पर अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। बेटे ने खिड़की से झांककर देखा तो उनका शव फंदे पर झूल रहा था। यह देख बेटे की चीख निकल गई। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गई। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। अब तक आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस पड़ताल में जुटी हुई है।