झांसी। आरपीएफ निर्दोषों को भी गुनहगार बनाने से परहेज नहीं कर रही है। बुधवार को आरपीएफ ने दिल्ली से आए तीन युवकों को चोरी के शक में पकड़ लिया। चोरी साबित न होने पर शाम तक तीनों पर अलग-अलग ट्रेनों में चेन पुलिंग करने का आरोप लगाकर चालान कर दिया गया।
मध्य प्रदेश के सागर निवासी कमलेश पुत्र लालाराम, छतरपुर निवासी मनोज पुत्र छोटेलाल व दमोह निवासी दिनेश पुत्र मनोहर तीनों गाजियाबाद में मजदूरी करते हैं। बुधवार की दोपहर तीनों संपर्क क्रांति एक्सप्रेस से दिल्ली से झांसी आए। इसमें दिनेश, कमलेश के फूफा का लड़का है। यहां से तीनों को टीकमगढ़ क्षेत्र में स्थित ग्राम सुर्खी में कमलेश की बहन के घर में आयोजित एक कार्यक्रम में जाना था। तीनों जब स्टेशन के मुख्य द्वार से निकल रहे थे तो गेट पर टीटीई ने उनके टिकट चेक करने के बाद अपने पास रख लिए।
तीनों जब गेट से बाहर निकल रहे थे, तभी आरपीएफ के सिपाही ने चोरी के शक में तीनों को पकड़ लिया। सिपाही तीनों को थाने ले आया। यहां डंडे के बल पर उनसे चोरी स्वीकारने को कहा गया, मगर उनका कहना था कि अगर उन्होंने चोरी की है तो कोई तो सबूत होगा। टिकट टीटीई द्वारा लेने की बात भी नहीं मानी गई। आरपीएफ जब उन्हें चोर साबित नहीं कर सकी तो तीनों का चेन पुलिंग करने में चालान कर दिया। इनमें कमलेश का 12630 अप कर्नाटक संपर्क क्रांति, मनोज का लोकमान्य तिलक से प्रतापगढ़ जाने वाली 12173 डाउन उद्योग नगरी एक्सप्रेस व दिनेश का 12279 डाउन ताज एक्सप्रेस में चेन पुलिंग करने के आरोप में चालान कर दिया।
सवाल यह है कि जब तीनों एक साथ पकड़े गए थे तो अलग-अलग ट्रेनों में उन्होंने चेन पुलिंग कैसे कर दी? दूसरा 12279 डाउन ताज एक्सप्रेस तो झांसी से ही रवाना होती है तो क्या आरोपी ने झांसी से ट्रेन चलते ही चेन पुलिंग कर दी थी। वह उल्टा दिल्ली की तरफ क्यों जाएगा? आरपीएफ की इस कार्रवाई ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में आरपीएफ कमांडेंट आशीष मिश्र ने कहा कि अगर ऐसा हुआ है तो बेहद गलत है। मामला संज्ञान में आने के बाद जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
चेन पुलिंग करने पर यह लगता है जुर्माना
बिना सही उद्देश्य के ट्रेन में चेन पुलिंग करने पर दो हजार रुपये जुर्माना का प्रावधान है। जुर्माना अदा न करने पर एक माह की सजा भुगतनी पड़ती है।