रविवार को बस स्टेशन रोड स्थित कुंज
वाटिका विवाह घर में पार्षद तनवीर आलम खान द्वारा रोजा इफ्तार का आयोजन
किया गया, जिसमें प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री आजम खां ने रोजा इफ्तार
किया। इसके बाद वह पार्षद के घर चले गए। कैबिनेट मंत्री रात्रि विश्राम
सर्किट हाउस में करेंगे।
राज्य सभा सांसद डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव, राज्य
सभा सांसद चौधरी मुन्नवर सलीम, गरौठा विधायक दीप नारायण सिंह यादव,
मऊरानीपुर विधायक रश्मि आर्या, जिलाध्यक्ष सुदेश पटेल, जय प्रकाश आर्य, असद
उल्ला खां, असफान सिद्दीकी, मिर्जा करामत बेग, असलम शेर, महावीर भार्गव,
अनूप शिवहरे, सुदर्शन शिवहरे, विष्णु राय, सिंहवृत सिंह यादव, संतराम
पेंटर, प्रतिपाल सिंह यादव, डॉ. मधुपाल, मान सिंह यादव, जमील कुरैशी, उसमान
खान, कादिर, अमित यादव, हाजी नगीना, अनवर, इकराम, मोहम्मद जीशान, मोहम्मद
अदनान, सूरज रायकवार, अनुराग अग्रवाल, शकील खान, तारिक मकरानी, शमीम खान,
सिराज अली आदि मौजूद रहे।
सवा तीन घंटे विलंब से आए आजम
झांसी।
नियम कानून और समय के पाबंद सपा के कद्दावर नेता आजम खां के देरी से
पहुंचने पर लोगों में निराशा दिखी। अपराह्न तीन बजे पहुंचने की बजाय वह
करीब सवा छह बजे सर्किट हाउस पहुंचे। हालांकि उनके पहुंचने पर कार्यकर्ताओं
में जोश दिखा। कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत कर जिंदाबाद के
नारे लगाए।
मंत्री को गार्ड ऑफ आनर दिया
झांसी। कैबिनेट
मंत्री आजम खां के सर्किट हाउस पहुंचने पर उन्हें बुके भेंट करने के लिए
सपाईयों की कतार लग गई। इसके बाद उन्हें गार्ड ऑफ आनर दिया गया। इस दौरान
कई संगठनों ने विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपे।
बारिश में बहा चूना
झांसी।
रविवार को हुई बारिश ने नगर निगम प्रशासन की मेहनत पर पानी फेर दिया।
इलाइट चौराहा, बीकेडी चौराहा, चित्रा चौराहा मार्ग व सर्किट हाउस और बस
स्टेशन मार्ग पर सड़क के दोनों ओर चूना डलवाया गया था। अचानक हुई बारिश से
चूना बह गया। इससे अधिकारियों के हाथ-पैर फूल गए। बारिश थमने के बाद नगर
निगम अधिकारियों ने उक्त मार्गों पर दोबारा चूना डलवाया।
कूड़े के इंतजार में खड़े रहे सफाई कर्मी
झांसी।
नगर निगम प्रशासन अकसर सफाई व्यवस्था को लेकर विवादों में बना रहता है।
शिकायतें की जाती हैं कि समय से सफाई कर्मी झाडू नहीं लगाते हैं। लेकिन,
रविवार को बीकेडी, चित्रा, इलाइट, जेल चौराहा, बस स्टैंड के पास दर्जनों की
संख्या में सफाई कर्मी झाडू लगाते दिखे। बारिश होने के बावजूद सफाई कर्मी
डटे रहे। सर्किट हाउस में कहीं कोई पेड़ की पत्ती भी गिर जाती तो उसे उठा
लिया जाता था। ताकि सफाई व्यवस्था मेें कहीं से भी कोई चूक न उजागर हो। साथ
ही सफाई कर्मियों द्वारा की जा रही सफाई की निगरानी के लिए अधिकारी
विभिन्न चौराहे पर भ्रमण करते रहे।