एक वर्ष पूर्व शुरू हुए रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय को साकार रूप देने की तैयारियां तेजी से जारी हैं। विश्वविद्यालय भवन का ले आउट तैयार कर लिया गया है। अगले माह से निर्माण शुरू किए जाने की योजना है।
देश का दूसरा केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय झांसी में स्थापित किया गया है। इसकी शुरुआत साल 2014 से कर दी गई है। यहां बीएससी (कृषि) की कक्षाएं जारी हैं, परंतु स्वयं का भवन न होने की वजह से कक्षाओं का संचालन आईजीएफआरआई व एग्रो फोरेस्ट्री के भवन में किया जा रहा है। लेकिन, अब विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा स्वयं के भवन निर्माण की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। विश्वविद्यालय के लिए ग्वालियर रोड पर आईजीएफआरआई व एग्रो फोरेस्ट्री की तीन सौ एकड़ जमीन आवंटित है। इस भूमि पर विश्वविद्यालय का ले आउट तैयार कर लिया गया है, जिसमें प्रशासनिक व एकेडेमिक भवन, लाइब्रेरी, लैब, छात्रावास आदि को शामिल किया गया है। अगस्त माह में भवन निर्माण शुरू करने की योजना है।
प्रबंध तंत्र लेगा फैसले
झांसी। केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के प्रबंध तंत्र की जुलाई माह के अंत में बैठक होगी, जिसमें विश्वविद्यालय से जुड़े अहम फैसले लिए जाएंगे। इसकी तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं। हालांकि, अभी बैठक की तारीख तय नहीं है।
467 करोड़ का बजट है आवंटित
झांसी। केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय को संसद द्वारा राष्ट्रीय महत्व का दर्जा दिया जा चुका है। केंद्र की पूर्ववर्ती यूपीए सरकार ने इसकी स्थापना के लिए 467 करोड़ रुपये बजट आवंटित किया था। हालांकि, अब रिवाइज स्टीमेट पर निर्माण कार्य होगा।
‘कृषि विश्वविद्यालय के भवन का ले आउट तैयार कर लिया गया है। अगस्त माह से निर्माण शुरू करने की योजना है। इस माह होने वाली प्रबंध तंत्र की बैठक में विश्वविद्यालय संबंधी कई और निर्णय लिए जाएंगे।’
- डा. अरविंद कुमार, कुलपति