झांसी। महानगर के भीतर पानी के लीकेज ठीक करने में जल संस्थान फेल साबित हो रहा है। शहर के तमाम इलाकों में लीकेज से कीमती पानी बर्बाद हो रहा लेकिन, जल संस्थान प्रशासन इनको दुरुस्त नहीं करा पा रहा। रोजाना ही जल संस्थान में लीकेज की शिकायत करने वाले पहुंच रहे लेकिन, उनकी शिकायत दूर नहीं हो रही है। इस वजह से रोजाना करीब बीस हजार लीटर पीने का पानी बर्बाद हो रहा।
बुंदेलखंड में सबसे अधिक पानी की ही मारामारी है लेकिन, जल संस्थान की लापरवाही से यही कीमती पानी लीकेज होने से नालियों में बहकर बर्बाद हो रहा है। लीकेज की शिकायत करने वाले रोजाना जल संस्थान पहुंचते हैं। लक्ष्मणगंज, बिसात खाना, दरी गरान, उन्नाव गेट बाहर, बड़ा गांव गेट बाहर, मुकरयाना, बंाग्ला घाट, गुदरी, गुमनावारा, नगरा, सीपरी बाजार, मसीहागंज, ग्वाल टोली, चार खंभा, सराय, राजगढ़, भाड़ेर गेट आदि जगहों से लोगों ने लीकेज की शिकायत दर्ज कराई है लेकिन, समस्या दूर नहीं हुई।
जल संस्थान के आंकड़ों के मुताबिक महानगर की छह लाख आबादी के लिए करीब 80.51 एमएलडी पानी की रोजाना जरूरत होती है लेकिन, सिर्फ 60 एमएलडी ही मिल पाता है। इसमें भी लीकेज आदि समस्याओं की वजह से बीस हजार लीटर पानी बर्बाद हो जाता है।
यह कहना सही है कि लीकेज से पानी की बर्बादी होती है लेकिन, जल संस्थान की पाइप लाइन में लीकेज अधिक नहीं हैं। प्राइवेट लाइन में सबसे अधिक लीकेज हैं। उनको लीकेज दुरूस्त कराने को कहा गया है। लीकेज ठीक न कराने वालों पर कार्रवाई होगी।
-कुलदीप सिंह, जीएम, जल संस्थान