- 2375 हेक्टेयर भूमि पर तैयार किए गए हैं पांच खंड, सभी खंडों का हो चुका है आवंटन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद में रॉक फॉस्फेट की खदानों के संचालन के लिए पर्यावरण विभाग की अनापत्ति मिल चुकी है। कंपनी ने यहां पर खनिज मात्रा उपलब्धता के ड्रिल का कार्य भी प्रारंभ कर दिया है। यहां पर 2375 हेक्टेयर भूमि पर पांच ब्लॉक बनाए गए हैं। जिसमें प्रारंभिक सर्वे के दौरान 38.34 मिलियन टन रॉक निकलने की संभावना है।
जिले के तहसील मड़ावरा अंतर्गत सौरई, पिसनारी, पहाड़ीकलां, गोराकलां व बड़वार क्षेत्र में रॉक फॉस्फेट के दोहन के लिए निविदा प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। पहला ब्लॉक 160 हेक्टेयर का है, जहां पर 0.20 मिलियन टन रॉक की संभावना है। इस ब्लॉक में 7.04 प्रतिशत ग्रेड का रॉक मौजूद है। इस ब्लॉक का आवंटन आरएसएचएसएम कार्मस को हुआ है। दूसरे ब्लॉक 221 हेक्टेयर का है, जिसमें 16.52 मिलियन टन रॉक की संभावना है। यहां पर यह खनिज 14.24 प्रतिशत ग्रेड का है। यह ब्लॉक लीलाकृष्णा इंडस्ट्रीज को आवंटित किया गया है। तीसरा ब्लॉक 189 हेक्टेयर में तैयार किया गया है, जिसमें 1.8 मिलियन टन रॉक की संभावना है, यहां पर यह खनिज 10.75 प्रतिशत ग्रेड का है। यह ब्लॉक एचएसएम होल्डिंग को आवंटित किया गया है। चौथा ब्लॉक 1300 हेक्टेयर का है, यहां पर 19.08 मिलियन टन राॅक भंडारण की संभावना है। इसमें 9.83 ग्रेड का खनिज है, इस ब्लॉक का आवंटन सागर स्टोन को आवंटित हुआ है। पांचवा खंड 505.38 हेक्टेयर है, 0.74 मिलियन टन रॉक भंडारण की संभावना है। यहां पर खनिज 6.68 ग्रेड का है। इस खंड का आवंटन मैमको माइनिंग कंपनी को हुआ है। तीन ब्लॉक में कंपनी ने ड्रिल कार्य सैंपल जांच के लिए भेज दिया गया, जिसमें वर्तमान में एक ब्लॉक में और ड्रिल का कार्य प्रारंभ हो चुका है।
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खदानों के संचालन से होगा रोजगार का सृजन
इन खदानों के संचालन से आसपास के क्षेत्र में रोजगार का सृजन तो होगा ही। साथ ही इस खनिज का प्रयोग उर्वरक बनाने में होता है। जिससे यहां पर फर्टीलाइजर कंपनी आने की संभावनाएं प्रबल हो रही हैं। कंपनी ने जो ड्रिल के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं, उनके परिणाम आते ही यहां पर कंपनी माइनिंग के लिए अपनी मशीनरी स्थापित करेगी।
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मड़ावरा क्षेत्र में रॉक फॉस्फेट के भंडारण की खोज के बाद से ही विभाग ने इसके दोहन के लिए निविदा प्रक्रिया जारी कर दी थी। सभी खंडों का आवंटन हो चुका है। इन खदानों के संचालन से क्षेत्र के लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। साथ ही जिले के राजस्व में बढ़ोतरी होगी।
अमितोष वर्मा, जिला खनन अधिकारी