झांसी। रोस्टिंग, ओवर लोडिंग, ट्रिपिंग व फाल्ट के कारण पैदा होने वाले बिजली संकट ने इस भीषण गर्मी में लोगों का दिन का चैन व रात की नींद छीन ली है। बिजली की आवाजाही ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। 24 में से मात्र 15 घंटे आपूर्ति भी किस्तों में मिल रही है। विद्युत अधिकारी भी लोगों की इस तकलीफ को दूर करने की जगह बिजली की बढ़ रही मांग की दुहाई दे रहे हैं।
बीते दिनों प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर आई आंधी से ग्रिड लाइन के टावर टूटने से संबंधित क्षेत्रों में ग्रिड लाइन से करंट आगे बढ़ना बंद हो गया। इधर, ग्रिड में ‘करंट’ दौड़ाने के लिए जगह न होने के कारण यूपी पावर कारपोरेशन ने पारीछा, ओबरा आदि प्लांटों की कई इकाइयों का उत्पादन बंद करवा दिया था। इसका असर प्रदेश की विद्युत आपूर्ति पर पड़ने पर ग्रिड की फ्रीक्वेंसी डाउन होने लगी थी। इससे तीन दिनों तक बिजली संकट छाया रहा। एक जून से पारीछा की सभी इकाइयों से उत्पादन शुरू कर दिया गया।
पर, इसके बाद भी हालत सुधरने की जगह बिगड़ते जा रहे हैं। पनकी कंट्रोल के आदेश पर लगातार अघोषित कटौती की जा रही है। बृहस्पतिवार की रात 12.15 बजे से 2.12 बजे तक कटौती के बाद सुबह 10 बजे से 12 बजे तक कटौती की गई। पिछले एक हफ्ते से शहरवासियों को 24 घंटे में 15 घंटे ही औसत बिजली मिल सकी।
‘मुख्यालय (पनकी कंट्रोल) के आदेश पर बार- बार कटौती की जा रही है। इस कारण रोस्टर बनाना संभव नहीं हो पा रहा है। बिजली की मांग बढ़ने से हंसारी पावर हाउस में लगे 143 एमवीए के ट्रांसफार्मर का भी तापमान बढ़ रहा है। ऐसी स्थिति में अगर स्थानीय स्तर पर कटौती नहीं कि तो स्थितियां और भी बिगड़ सकती है। स्थिति को सामान्य होने में कम से कम एक सप्ताह का समय लग जाएगा।’
राकेश कुमार गुप्ता
अधीक्षण अभियंता (नगर)
इस तरह काटी गई बिजली
विद्युत विभाग 24 घंटे में अलग- अलग सब स्टेशनों को पंद्रह से इक्कीस घंटे तक बिजली देने का दावा कर रहा है। इसमें जेल चौराहे को 19.30 घंटे, मुन्नालाल को 16.15 घंटे, रानी महल को 19.30 घंटे, सीपरी बाजार को 15.30 घंटे, गल्ला मंडी को 15.45 घंटे, प्रेमनगर को 18 घंटे, हंसारी को 17.30 घंटे, बिजौली को 19 घंटे, सूती मिल को 19 घंटे, उन्नाव गेट को 19 घंटे, मेडिकल सब स्टेशन को 20 घंटे बिजली दी गई।
वोल्टेज ने कर रखा है परेशान
बिजली की आवाजाही के बीच कम वोल्टेज आने की भी समस्या बनी हुई है। इसमें सबसे अधिक परेशानी मुन्नालाल सब स्टेशन से जुड़े क्षेत्रों में हैं। इस सब स्टेशन से बंसल कॉलोनी, मिशन कंपाउंड, बीकेडी, आंतिया तालाब, पंचकुइयां, नई बस्ती, मेंहदी बाग, आशिक चौराहा आदि क्षेत्र जुड़े हुए हैं।
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दिन काटना हो रहा मुश्किल
- कचहरी चौराहा निवासी कुसुमलता अग्रवाल ने बताया कि उनकी बेटी दिल्ली से बच्चों के साथ आई हुई हैं। बिजली न रहने से बच्चे परेशान हैं तथा पानी का संकट भी बना हुआ है।
- लक्ष्मीपुरम कॉलोनी निवासी नंदलाल राय का कहना है कि जो बिजली मिल रही है, उसमें भी वोल्टेज कम आ रहा है। शिकायत के बाद भी समस्या दूर नहीं हो रही है।
- तालपुरा निवासी मंगल सिंह कुशवाहा ने कहा कि रात में तीन से चार घंटे ही बिजली मिल रही है। इस कारण रात काटना मुश्किल हो गया है।
- चाणक्यपुरी निवासी भगवत प्रसाद ने बताया कि उनके क्षेत्र में दस मिनट नल आते है। पिछले कई दिनों से पानी के समय बिजली नहीं रहती हैं, इससे एक- एक बूंद पानी के लिए हैं।
- अंदर बड़ागांव गेट निवासी अजय ने बताया कि बिजली अधिकारियों को लाइट जाने पर सब स्टेशनों पर बैठना चाहिए, तब उनको लोगों की तकलीफ का पता लगेगा।
- सुभाष गंज निवासी संजीव साहू ने कहा कि लोग बिजली बिना तड़प रहे हैं और जनप्रतिनिधि शांत बैठे हैं।
एमपी में बारह घंटे पहले पता लग जाती है रोस्टिंग
उत्तर प्रदेश से सटे मध्य प्रदेश में जब भी अघोषित कटौती की जा जाती है तो वहां बारह घंटे पहले इस बात को प्रचारित कर दिया जाता है, ताकि लोग पहले से ही समस्या का सामना करने के लिए तैयार हो जाएं।