झांसी। ‘तिल का ताड़ और ताड़ का तिल’ बनाने की कला पुलिस से ज्यादा कोई नहीं जानता। पुलिस चाहे तो छोटा सा मामला गंभीर अपराध हो जाता है और न चाहे तो गंभीर अपराध भी छोटा हो जाता है। ऐसा ही कर दिखाया है कोतवाली पुलिस ने। एक जून को मोंठ के कारोबारी की जेब काटकर बदमाशों ने 29 हजार रुपये पार कर दिए थे, इस मामले की रिपोर्ट पुलिस ने लिखने से इनकार कर दी थी। हैरानी तब हुई जब शुक्रवार को उसी मामले में पुलिस ने लूट का मुकदमा दर्ज कर लिया।
एक मई को हरीशंकर पुत्र रामसेवक निवासी कटरा बाजार ने बताया था कि वह गल्ले का कारोबारी है। वह एक जून को सुभाष गंज से थोक में खरीददारी करने के लिए बस से झांसी आए थे। बस स्टैंड से बड़ा बाजार के लिए आपे में सवार हुए, उनके बगल में काला चश्मा लगाए और लैदर का बैग लिए हुए एक युवक बैठा था। वह बकरा मंडी पर आपे से उतरकर चला गया। कुछ देर बाद उसे पता चला कि उसकी जेब से 29 हजार रुपये गायब है। इस शिकायत पर कोतवाली प्रभारी का कहना था कि जेब कटी का मामला संदिग्ध है।
वहीं, आज शुक्रवार को व्यापारी ने पुलिस को बदलकर दी गई तहरीर के बाद पुलिस ने लूट का मुकदमा दर्ज कर लिया है। व्यापारी ने बताया कि आपे संख्या यूपी 93 एटी- 4344 में सवार होकर वह कोतवाली क्षेत्र में जा रहे थे। आपे में उनके दाहिने तरफ 24 वर्ष का युवक काला चश्मा पहने बैठा था, जो बकरा मंडी पर उतरा और 29 हजार रुपये लूटकर भाग गया। उसने लोगों के साथ उसका पीछा किया मगर वह तब तक भाग निकला। एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह का कहना है कि पीड़ित ने आज लूट की तहरीर दी होगी, जिसकी वजह से मामला दर्ज किया गया होगा।