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Jhansi News: सड़क दुर्घटनाओं पर एआई की मदद से कसी जाएगी लगाम

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संवाद न्यूज एजेंसी



झांसी। सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए परिवहन विभाग अब एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का उपयोग करेगा। इससे जहां हादसों के सटीक कारणों का पता लगाया जा सकेगा, वहीं इस पर नियंत्रण में भी मदद मिलेगी। परिवहन विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।

दुर्घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है। इससे न केवल लोग चिंतित हैं, बल्कि जिम्मेदार भी परेशान हैं। ऐसे में इन हादसों पर रोक लगाने के लिए परिवहन विभाग अब एआई का प्रयोग करने जा रहा है। इस तकनीक से दुर्घटना बहुल इलाकों का डाटा एआई स्वयं सत्यापित करेगा। दुर्घटना के कारणों का विश्लेषण भी करेगा। इस रिपोर्ट के आधार पर विभाग आगे की कार्रवाई करेगा। इससे दुर्घटनाओं को कम किया जा सकेगा। पहले जो आकलन मानवीय और भौतिक रूप से किए जाते हैं, अब वह एआई के माध्यम से संभव होगा।
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झांसी में बढ़ रही सड़क हादसों की संख्या

- झांसी में सड़क हादसों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। जनवरी से जून के बीच वर्ष 2024 और 2025 के आंकड़ों को देखा जाए तो इसमें बढ़ोतरी दिखाई देगी। वर्ष 2024 में जनवरी से जून माह के बीच कुल 312 हादसे हुए, जिनमें 143 लोगों ने जान गंवाई, वहीं 222 घायल हुए। जनवरी 2025 से जून माह में 335 हादसे हुए, जिनमें 189 लोगों की मृत्यु हुई, जबकि 291 घायल हुए। दुर्घटनाओं के पीछे खराब सड़क डिजाइन, मौसम की स्थितियां और चालकों की लापरवाही जैसे कई कारण हो सकते हैं, लेकिन अब तक इनका गहन विश्लेषण नहीं हो पा रहा था। एआई सटीक विश्लेषण करेगा।



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परिवहन के अन्य कार्याें में भी होगा एआई का प्रयोग

- दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के साथ परिवहन विभाग भविष्य में ड्राइविंग लाइसेंस प्रणाली, परमिट प्रक्रिया, ई-चालान और वाहन डेटा प्रबंधन जैसे अन्य कार्याें में भी एआई तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इससे जहां कार्य में पारदर्शिता आएगी, तो वहीं गड़बड़ियों की संभावना कम होगी।
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वर्जन -



- एआई तकनीक से दुर्घटनाओं के कारणों का पता लगाकर हादसों को रोकने के प्रयास किए जाएंगे, तो वहीं सड़कों को भी सुरक्षित बनाया जा सकेगा। अभी तक हादसों के कारण जानने के लिए पुलिस की रिपोर्ट पर भी निर्भर रहना होता था। - एके त्रिवेदी, संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन)
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