नगर निगम और नगर पालिकाएं समय-समय पर कुत्तों के बधियाकरण और नियंत्रण के अभियान चलाने का दावा करती हैं, लेकिन इसके बावजूद सड़कों पर आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
शहर से लेकर देहात तक आवारा कुत्तों का आतंक फिर बढ़ गया है। हालात यह हैं कि रोजाना करीब 70 नए लोग कुत्तों के काटने का शिकार हो रहे हैं और जिला अस्पताल में एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को दो अलग-अलग घटनाओं में मासूम बच्चों पर हमले से दहशत और बढ़ गई।
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समथर क्षेत्र की नई बस्ती निवासी हरवंश की छह वर्षीय बेटी शिवांगी नवरात्र के दौरान कन्या पूजन के लिए जा रही थी। इसी दौरान आवारा कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। आसपास के लोग जब तक बचाने पहुंचे, तब तक कुत्ते उसके चेहरे और पैर को बुरी तरह जख्मी कर चुके थे। गंभीर हालत में परिजन उसे मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां उसका उपचार जारी है।
वहीं, गांधी नगर में पैरामेडिकल कॉलेज के पास चार वर्षीय मोक्ष घर के बाहर खेल रहा था, तभी एक आवारा कुत्ते ने उस पर हमला कर पैर में काट लिया। परिजन उसे तुरंत मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार किया गया। जिला अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार रोजाना 100 से अधिक एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं, जिनमें करीब 70 नए मरीज शामिल होते हैं। एसआईसी डॉ. प्रमोद कटियार ने इसकी पुष्टि की है।
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नगर निगम और नगर पालिकाएं समय-समय पर कुत्तों के बधियाकरण और नियंत्रण के अभियान चलाने का दावा करती हैं, लेकिन इसके बावजूद सड़कों पर आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जिला पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके सिंह के अनुसार गर्मी के मौसम में कुत्ते अधिक आक्रामक (कटहा) हो जाते हैं, ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।