झांसी। आलीशान कोठियों में रहने वालों ने नगर निगम का गृहकर दबा कर रखा है। महानगर में करीब 150 गृहस्वामी ऐसे पाए गए हैं, जिन्होंने कई साल से गृहकर जमा नहीं किया है। ऐसा नहीं है कि गृहकर का बकाया लाखों में हो, महज 30-40 हजार रुपये का गृहकर जमा करने में गृहस्वामियों को आफत हो रही है। इसे लेकर नगर निगम सूची तैयार करने में जुटा है। जल्द ही बकायेदारों को नोटिस भेजे जाएंगे।
महानगर के नगर निगम क्षेत्र में करीब 1.15 लाख गृहकर दाता हैं। जिनसे हर साल गृहकर वसूल किया जाता है। नगर निगम ने हाल ही में बकायेदारों की स्थिति की पड़ताल कराई। जिसमें सामने आया कि करीब 150 गृहस्वामी ऐसे हैं, जिन्होंने करीब तीन साल से गृहकर जमा नहीं किया है। इनमें से अधिकतर ऐसे हैं, जिनके आलीशान मकान बने हैं और गृहकर के बकाये में करीब 30 हजार रुपये तक हैं। जबकि एक लाख से अधिक बकाया वाले भी करीब 70 से अधिक बकायेदार हैं। बकायेदारों को कई बार निगम की ओर से नोटिस भी दिए जा चुके हैं, लेकिन गृहस्वामी चेत नहीं रहे हैं। नगर निगम अधिकारियों की मानें तो मौजूदा समय में नगर निगम के 2.56 करोड़ रुपये बकाया हैं। नए वित्तीय वर्ष में बकायेदारों से वसूली की शुरुआत की जानी थी, लेकिन कोविड के चलते शासन के निर्देशों को लेकर वसूली का काम रोक दिया गया है।
ऑनलाइन जमा हो रहा गृहकर
नगर निगम का गृहकर ऑनलाइन जमा करने में भी लोग रुचि दिखा रहे हैं। अब तक 23 लाख तक सिमटा रहने वाला ऑनलाइन ट्रांजेक्शन जून महीने में 70 लाख रुपये तक पहुंच गया है। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि लोग कैशलेस ट्रांजेक्शन की ओर बढ़ रहे हैं। ये अच्छी पहल है।
बकायेदारों को नोटिस जारी किए जाते हैं। नए सिरे से सूची तैयार की जा रही है। कोविड के चलते वसूली की कार्रवाई नहीं हो पा रही है। स्थितियां सामान्य होने के बाद अभियान चलाया जाएगा।
रोहन सिंह, अपर नगर आयुक्त