च्कायाकल्पज् को मदद नहीं करेंगी ग्राम पंचायतें पंचायती राज विभाग ने पीछे खींचे हाथ झांसी। प्राथमिक विद्यालयों की दशा बदलने के लिए शुरू हुए कायाकल्प प्रोजेक्ट से पंचायती राज महकमा ने पल्ला झाड़ लिया। शासनादेश के जरिए जनपद की सभी ग्राम पंचायतों को अब सिर्फ प्राथमिकता वाले कार्य ही कराने के निर्देश दिए हैं। महकमे ने पंचायत भवन, सामुदायिक शौचालय को ही प्राथमिकता में शुमार करते हुए कायाकल्प प्रोजेक्ट को बाहर कर दिया है। ग्रामीण इलाकों में प्राथमिक विद्यालयों की दशा सुधारने का काम कायाकल्प प्रोजेक्ट के जरिए कराया जा रहा था। तमाम विद्यालय इसके जरिए चमकाए भी गए लेकिन, अब इस काम के आगे बढ़ने की उम्मीद नहीं है। पंचायती राज विभाग ने नए शासनादेश में प्राथमिकता के कार्य नियत समय के भीतर पूरा करने का निर्देश देते हुए निधि का दूसरे कार्यों में खर्च करने की मनाही की है। सभी ग्राम पंचायतों को निर्देश दिए गए हैं कि वह सिर्फ प्राथमिकताओं में शुमार कार्यों में ही बजट खर्च करेंगे। इन प्राथमिकताओं में खास तौर से पंचायत भवन, सामुदायिक शौचालय जैसे निर्माण कार्यों का ही जिक्र है। इसमें प्रोजेक्ट कायाकल्प को लेकर कोई बात नहीं कही गई। पैसों को दूसरी जगह खर्च करने की शिकायत मिलने पर सचिव एवं प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई है। इसे देखते हुए प्रोजेक्ट कायाकल्प में संकट मड़राता दिख रहा। बता दें, अभी तक प्रोजेक्ट कायाकल्प के जरिए ग्रामीण इलाकों के तमाम प्राथमिक विद्यालयों की दशा में सुधार हुआ है। यहां पीने के पानी से लेकर शौचालय तक बनवाए गए। वहीं, डीपीआरओ जगदीश राम का कहना है कि शासनादेश में प्राथमिकता के कार्यों को पहले कराने के निर्देश दिए गए हैं। इनसेट अब मनरेगा से बन सकेंगे पंचायत भवन मनरेगा के जरिए अब पक्के निर्माण कराए जा सकेंगे। इस संबंध में शासनादेश भी जारी कर दिया गया। डीपीआरओ जगदीश राम के मुताबिक 153 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन बनाए जाएगें। ग्राम पंचायत के आकार के आधार पर दो अथवा चार कमरों के यह पंचायत भवन होंगे। इनकी लागत का पचास फीसदी रकम मनरेगा के माध्यम से खर्च किया जाएगा।