झांसी। बुधवार की रात सीपरी बाजार क्षेत्र स्थित पंचतंत्र पार्क में घूमने के लिए आए रायबरेली निवासी इंजीनियर राहुल ब्रह्मभट्ट (34) की करंट लगने से मौत हो गई। वह साली की शादी में शामिल होने के लिए झांसी आए हुए थे। वहीं पार्क ठेकेदार ने करंट से मौत होने की बात को गलत बताया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
सिंचाई विभाग से लिपिक पद से सेवानिवृत्त रमेश कुमार खरे आंतिया तालाब पर परिवार के साथ रहते हैं। उनकी छह बेटियां व एक बेटा है। 24 जून को उनकी तीसरी बेटी की शादी थी। सभी रिश्तेदार व बेटियां घर आई थीं। इनमें दूसरे नंबर की बेटी अर्चना भी पति राहुल ब्रह्मभट्ट और पांच साल की बेटी के साथ आईं थीं। रायबरेली के न्यू प्रकाश नगर निवासी राहुल पेशे से इंजीनियर और बड़ोदरा की एक कंपनी में नौकरी करते थे। 27 जून को वह परिवार के साथ घर लौटने वाले थे। जाने से पहले 26 जून की शाम उन्होंने अन्य रिश्तेदारों के साथ पंचतंत्र पार्क घूमने का कार्यक्रम बना लिया। पार्क में पहुंचने के बाद सभी मौज मस्ती कर रहे थे। रात करीब आठ बजे वह टॉय ट्रेन के पास सेल्फी ले रहे थे, तभी उन्हें झटका महसूस हुआ और वह पटरियों के पास गिर पड़े। ट्रेन चालक ने देखा तो गाड़ी रोककर उनकी तरफ भागा। परिजन एकत्रित हो गए और देखते ही देखते पार्क में अफरा तफरी का माहौल बन गया। बाद में परिवार के लोग राहुल को ऑटो से एक प्राइवेट अस्पताल में लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सक ने हालत गंभीर देख उनको मेडिकल कॉलेज ले जाने की सलाह दी। उनको मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनको मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम हाउस पर रमेश कुमार खरे ने बताया कि उनकी नातिन ने देखा था कि उसके पिता झटका लगने के बाद जमीन पर गिर पड़े थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद वह कानूनी कार्रवाई करेंगे। वहीं, सीपरी बाजार थाना प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार गुप्ता ने बताया कि मौत का कारण करंट लगना ही बताया जा रहा है। बाकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पता लगेगा।
घटना दुखद है। मगर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद सब साफ हो जाएगा कि करंट लगने से मौत नहीं हुई है। हादसे के बाद उन्होंने करंट का पता लगने पर तीन कर्मचारियों को नंगे पैर पटरियों पर चलवाया था, लेकिन करंट की कोई बात सामने नहीं आई। टॉय ट्रेन को डीसी करंट (डायरेक्ट करंट) से चलाया जाता है। हादसे के बाद पार्क में कई लोग मौजूद थे। वीडियो क्लीपिंग भी देखी जा सकती है।
संजीव कुमार अग्रवाल, पार्क ठेकेदार।