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राहत : 1845 नमूनों की हुई जांच, सिर्फ 24 मिले पॉजिटिव

Fri, 07 Aug 2020 06:13 AM IST
झांसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
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महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की कोविड लैब से लंबे अरसे बाद बृहस्पतिवार को राहत का संदेश आया है। जी हां, कोरोना के 1845 नमूनों की जांच में महज 24 में ही इस महामारी का संक्रमण पाया गया है। जबकि, पहले औसतन रोजाना सात सौ नमूनों की जांच में 60-70 नये मरीज सामने आ रहे थे। इसके अलावा कोरोना मरीजों के स्वस्थ होने का ग्राफ भी तेजी से बढ़ा है। रिकवरी रेट बढ़कर 76.72 प्रतिशत पर पहुंच गया है।
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कोरोना वायरस के 24 नए मरीज जिले के अलग-अलग इलाकों से सामने आए हैं। महानगर के बड़ागांव गेट, हंसारी टपरियन, जिला अस्पताल परिसर, टीला बदलूराम नगरा, सिद्धेश्वर नगर आईटीआई, छनियापुरा, सत्यम कॉलोनी, अंदर दतिया गेट व महेंद्रपुरी कॉलोनी में भी दो मरीज मिले हैं। जबकि, ग्रामीण इलाकों में कुरैचा, बरुआसागर, चिरगांव व सकरार में मरीज मिले हैं।

विदित हो कि जिले में अब तक कोरोना वायरस के 2561 मरीज मिल चुके हैं और इनमें से 1875 मरीज स्वस्थ भी हो चुके हैं। 69 मरीजों को बृहस्पतिवार को डिस्चार्ज किया गया। जिले का रिकवरी रेट बढ़कर 76.72 प्रतिशत पर पहुंच गया है। वर्तमान में झांसी में 521 एक्टिव पॉजिटिव केस हैं, इनमें से 84 मरीजों को छोड़कर बाकी सभी लक्षण रहित हैं।
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जेल में सिमटा संक्र्रमण
जिला कारागार में कोरोना वायरस के 210 मरीज पाए गए थे। इसके बाद यहां एक बैरक को आइसोलेशन वार्ड में तब्दील कर दिया गया था। कैदी और जेल स्टाफ के 1328 नमूने लिए गए थे। लेकिन, अच्छी बात ये है कि इनमें से अब 200 मरीज पूरी तरह से इस महामारी की जकड़न से आजाद हो चुकी हैं और इनकी रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। महज 10 मरीज ही बचे हैं, जिन्हें अगले दो सप्ताह तक आइसोलेशन में रखा जाएगा।

70 वर्षीय बुजुर्ग की मौत
झांसी। जिले में कोरोना वायरस संक्रमित एक और मरीज की मौत हुई है। मऊरानीपुर के अल्याई मोहल्ला निवासी 70 वर्षीय एक बुजुर्ग को इस महामारी ने अपनी चपेट में लिया है। मृतक को बुखार, कफ व सांस लेने में दिक्कत होने पर महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। मृतक गंभीर रूप से बीमार था तथा डायबिटिज से भी पीड़ित था। जिले में अब तक 75 संक्रमितों की मौत हो चुकी है।

जिले में जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। खासतौर पर बफर जोन और कंटेनमेंट जोन में तेजी से जांच काम किया गया। इसके अलावा टीमें घर-घर जाकर ब्योरा इकट्ठी करने में जुटी हुई हैं। इन्हीं सब का नतीजा है कि संक्रमण की रफ्तार धीमी पड़ी। लेकिन, अभी भी सभी को खासी सतर्कता बरतने की जरूरत है। जो पहले से किसी न किसी गंभीर रोग से पीड़ित है, वे ज्यादा सावधानी बरतें। - आंद्रा वामसी, जिलाधिकारी
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