झांसी। खाद्य एवं रसद आयुक्त सौरभ बाबू ने कहा है कि राशन कार्ड सरेंडर का कोई आदेश ही नहीं दिया गया है। निरस्तीकरण या अपात्रों से वसूली का भी कोई फरमान जारी नहीं हुआ लेकिन झांसी में तो 16 अप्रैल को जिला पूर्ति अधिकारी ने विधिवत रूप से आदेश जारी किया है। 19 मई को जिलाधिकारी द्वारा आदेश जारी किया गया है। इन आदेशों से ऐसी अफरातफरी झांसी मंडल में मची कि 9280 लोगों ने राशन कार्ड सरेंडर कर दिए। इतना ही नहीं 52 दिनों के भीतर 15429 लोगों के राशन कार्ड निरस्त भी हो गए हैं। तमाम पात्र लोग भी आपूर्ति विभाग में जाकर अपने कार्ड जमा कर आए हैं।
मंडल के झांसी, ललितपुर व जौलान में पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों की संख्या 8,41,173 है। जिसमें झांसी में 339308, जालौन में 2,63,972 व ललितपुर में 2,37,893 हैं। वहीं मंडल में अंत्योदय कार्ड धारकों की कुल संख्या 11,08,68 है। इन कार्ड धारकों में उस वक्त बेचैनी फैली जब आदेश जारी हुए कि अपात्र लोग अपना राशन कार्ड सरेंडर कर दें वरना रिकवरी की जाएगी। इस आदेश में कहा गया कि अगर कहीं अपात्रों ने राशन लिया है तो उनसे 24 रुपये प्रति किलो के हिसाब से गेहूं के दाम वसूले जाएंगे जबकि चावल के 32 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से लिए जाएंगे। इसके बाद ऐसी अफरातफरी मची कि लोग कार्ड सरेंडर करने लगे।
मंडल में राशन कार्ड सरेंडर करने वालों का आंकड़ा जिले वार
जनपद कार्ड सरेंडर करने वालों की संख्या
झांसी 6238
जालौन 2694
ललितपुर 348
पुराने शासनादेश के आधार पर ही जिला पूर्ति विभागों द्वारा अपात्रों से बाजार की दरों पर वसूली की चेतावनी को जारी किया गया था। समय-समय पर विभाग द्वारा राशन कार्ड धारकों की नियमित जांच की जाती है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत वसूली का कोई भी प्रावधान नहीं है।
नीरज कन्नौजिया, उपायुक्त खाद्य