झांसी। वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के ऐतिहासिक दुर्ग की तलहटी में स्थित क्राफ्ट मेला ग्राउंड में झांसी जन महोत्सव परंपरा के तहत लगे मेले में आकर्षक विद्युत साज सज्जा से युक्त छोटे-बडे़ रंगबिरंगे झूले बच्चों एवं सभी आयु वर्ग के लोगों क ो हवा में दिल धड़काने वाले गोते लगाने को तैयार हैं।
अजमेर से आया गोल्डन सुपर फास्ट हवाई झूला हो अथवा पलक झपकते ही प्लेटफार्म के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में पहुंचाने वाला ब्रेक डांस झूला हो या ड्रेगन का चेहरा लिए नाव के आकार वाला झूला रोमांचक मजा दिलाने में सक्षम हैं।
लगभग आधा दर्जन विभिन्न झूलों की श्रृंखला के साथ मेले में बच्चों को हवाई आनंद दिलाने आए दीपक गुप्ता के मुताबिक एयर इंडिया झूला, मिकी माउस झूला, हैलीकाप्टर झूला, स्कार्पियों झूला में न सिर्फ बच्चों के लिए बैठने के लिए पर्याप्त जगह है, बल्कि उन्हें गीत-संगीत की धुन पर कई राउंड झूलने को मिलेगा।
हवाई जहाज, हैलीकाप्टर की डिजाइन में बने झूलों में बैठने से पूर्व बच्चों में प्रिय छोटा भीम स्वागत को खड़ा मिलेगा। इनके अनुसार झूले के अलावा पटरियों पर छुक छुक कर दौड़ती ट्रेन भी बच्चों को पूरा लुत्फ दिलाएगी। ललितपुर से आए राम अवतार ने ब्रेक डांस झूले की खूबियों पर बताया कि तीन मिनट के छह राउंड में सीट पर बैठे व्यक्ति को प्रत्येक क्षण का रोमांच मिलेगा। बस तैयार रहिए कमर कस कर सीट पर बैठने के लिए।
पहले दिन हुई 1.35 लाख रुपये की बिक्री
क्राफ्ट मेला मैदान में लगे हस्त शिल्प बाजार में पहले दिन 1.35 लाख रुपये की बिक्री हुई है। मेला प्रभारी दिनेश भार्गव ने बताया कि शिल्प बाजार में अब तक 160 से अधिक शिल्पी आ चुके हैं, जिनकी संख्या जल्द ही 175 तक हो जाएगी।
मौके पर रखवाए मोबाइल शौचालय
रविवार को झांसी जन महोत्सव आयोजन समिति के मुख्य संयोजक राजीव राय, अध्यक्ष मुकुंद महरौत्रा, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक रवि कांत शुक्ला, अलख प्रकाश गुप्ता सुमंत चतुर्वेदी, सौरभ रावत भांजे, भूपेंद्र खत्री, मुकेश सिंघल, पुष्पेंद्र यादव, अजय पस्तोर आदि ने निरीक्षण कर स्टाल लगाए दुकानदारों से उनकी समस्याएं जानीं।
इस दौरान कुछ दुकानदारों ने शौचालय संबंधी समस्या बताई। ऐसे में समिति के पदाधिकारियों ने नगर आयुक्त से बातचीत कर दो अत्याधुनिक मोबाइल शौचालय महिला एवं पुरुषों के लिए रखवाए हैं।
लेडीज बैग व पर्स पर उम्दा नक्काशी ने लुभाया
हाथ की कारीगरी की शानदार डिजाइनें देखनी हैं तो आगरा से आए शिल्पकार मुजम्मिल हुसैन एवं अशफाक हुसैन के स्टाल पहुंचिए। लेडीज पर्स एवं बैग पर बटन टांकने वाली छोटी सी सुई रेशम के रंग बिरंगे कपडे़ पर जरी, जयपुरी, फिरोजाबादी, 011 मोतियों एवं सलमा सितारा से बनी डिजाइन लोगों को अपनी ओर खींचती हैं।
पहली बार झांसी में अपनी कारीगरी को प्रस्तुत करने आए हुसैन बंधुओं के मुताबिक लेडीज बैग पर नक्काशी बनाने में काफी मेहनत लगती है। सिल्वर, गोल्डन, ब्लू, परपल, चायना ग्रीन कलर के रेशम के कपडे़ पर मुकुट डिजाइन, टाई डिजाइन, मोर पंख, आसमानी सितारा, कमल व गुलाब के पुष्प की डिजाइन काफी फबती हैं।
उन्होंने बताया कि झांसी में शोल्डर, गोल डोली, ढोलक सहित लगभग 50 प्रकार की नक्काशी से युक्त लेडीज पर्स व बैग लाए हैं, जिनकी मूल्य रेंज 150 रुपये से प्रारंभ हैं। पृथ्वीपुर से आए शिल्पकार भगवान दास के मुताबिक हाथ से बने बेड शीट, चादर में रंगबिरंगे कलर में चेक व पट्टेदार कई डिजाइनों में हैं। लकड़ी की परंपरागत खटका मशीन पर तैयार इन कपड़ों के बार्डर पर खासा ध्यान दिया है।