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पठन कार्य देर से शुरू होने की आशंका

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बेसिक स्कूलों में पढ़ने वाले जनपद के करीब एक लाख 85 हजार बच्चों के लिए आने वाली पुस्तकों की डिमांड के अनुसार आपूर्ति न होने से पठन कार्य देर से शुरू होने की आशंका बढ़ गई है। बीएसए दफ्तर द्वारा मांगी गईं 12 लाख 60 हजार पुस्तकों में प्रकाशकों ने पहली किश्त में सिर्फ 83 हजार पुस्तकें ही भेजी हैं। वह भी कक्षा छह व सात की।
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उल्लेखनीय है कि नए शैक्षिक सत्र में टेंडर प्रक्रिया में देरी के चलते बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को पुरानी पाठ्य पुस्तकों से काम चलाना पड़ा था, लेकिन जल्द ही राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा पुस्तकों के प्रकाशन संबंधी निर्देश के बाद टेंडर के माध्यम से प्रकाशन फर्मों को अधिकृत किया गया और बीएसए द्वारा आपूर्ति आदेश जारी किए गए। इससे बच्चों को गर्मियों की छुट्टी के बाद नई पुस्तकें मिलने की संभावना जगी थी। मगर हाल ही में आई पहली किश्त ने पठन कार्य के देरी से शुरू होने की आशंका को बल दे दिया है। पहली किश्त में सिर्फ दो कक्षाओं छह एवं सात की मंजरी, महान व्यक्तित्व, गणित वर्तिका, विज्ञान रैंबो की पुस्तकें  ही आई हैं। सूत्रों के मुताबिक दूसरी किश्त की आपूर्ति 5 जुलाई तक होगी।

दूसरी किश्त में पूरी पुस्तकें आने की संभावना है, इस संदर्भ में प्रकाशकों को रिमांडर भेजा जा चुका है। किसी भी दशा में पठन कार्य में देरी नहीं होने दी जाएगी।
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डा. आदर्श कुमार त्रिपाठी, प्रभारी बीएसए 
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